और स्कूल भी ले सकते हैं इससे सीख, आधुनिक संसाधनों से लैस विद्यालय में इस तरह पढ़ते हैं बच्चे
चंदौली जिले के सकलडीहा कस्बा के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहाल अब प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 1903 में स्थापित विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को समय-समय पर किताबी ज्ञान के साथ-साथ देश की संस्कृति व देश-विदेश में होने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रम से रुबरू कराया जाता है।
स्कूल की खुद की वेबसाइट है और मॉड्यूलर किचन, डायनिंग हाल व अन्य संसाधनों से सुसज्जित बच्चों को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा की इबारत गढ़ी जा रही है। यह सब वहां के प्रधानाध्यापक हिमांशु पांडेय की सकारात्मक सोच और प्राथमिक शिक्षा में समय के साथ बदलाव की विचारधारा है।
प्राथमिक विद्यालय प्रथम में वर्तमान समय मे 303 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिनमें 155 छात्र और 148 छात्राएं शामिल हैं। प्रधानाध्यापक हिमांशु अन्य शिक्षकों को भी बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। जर्जर कमरों, बदहाल टॉयलेट की न सिर्फ सूरत बदली बल्कि आधुनिक सुविधाओं से प्रधानाध्यापक ने लैस किया। इसमें उनका सहयोग ग्राम प्रधान ने किया और शौचालय बनाए गए।
मॉड्यूलर किचन में परिवर्तित करते हुए बड़े डाइनिंग हाल का निर्माण किया। इसमें एक साथ 80 बच्चे भोजन ग्रहण करते हैं। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की और क्षतिग्रस्त कमरों की मरम्मत कर उन्हें उपयोगी बनाया। इस बावत बीईओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस विद्यालय की तरह कार्य अन्य लोगों के लिए उदाहरण है। ऐसे प्रधानाध्यापकों के प्रयास से प्राथमिक शिक्षा में बेहतर बदलाव आएंगे।