स्लीपर वंदे भारत: यूपी का पहला ऐसा शहर है काशी जहां से चल रहीं सेमी हाईस्पीड ट्रेनें, 8 साल में 9 ट्रेनें
काशी से बीते आठ वर्षों में नौ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ है। इनके जरिए पांच राज्यों तक यात्रियों की पहुंच आसान हुई है। उत्तर प्रदेश में काशी पहला ऐसा शहर है, जहां से इतनी बड़ी संख्या में सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल सफर का विकल्प मिला है।
विस्तार
देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत के काशी से चलते ही एक नया रिकाॅर्ड बन गया। जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया वैसे ही वाराणसी यूपी का पहला ऐसा शहर बन गया जहां से 9 वंदे भारत ट्रेनों का आना-जाना होता है। यह काम आठ साल में हुआ है। वाराणसी से दिल्ली जाने के लिए 3 और दिल्ली से वाराणसी आने के लिए 3 वंदे भारत हैं।
देश की पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन काशी के लिए 15 फरवरी 2019 को हुआ था। अब 8 साल का समय बीत गया और 9 वंदे भारत काशी से चल रही हैं। इसके जरिये 5 राज्यों (यूपी, बिहार, झारखंड, दिल्ली, मध्यप्रदेश) तक लोगों की पहुंच आसान हो गई है। वाराणसी में हर दिन करीब दो लाख से अधिक लोग देश के विभिन्न जगहों से आते हैं।
इसमें भी डेढ़ लाख से अधिक लोग ट्रेन का सफर कर काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन, गंगा स्नान, काल भैरव दर्शन आदि के लिए परिवार के साथ आते हैं। सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन से जहां दिल्ली से वाराणसी आने में इस समय 13 घंटे से अधिक का समय लगता है, वहीं वंदे भारत से सफर करके लोग 8 से 8:30 घंटे में ही नई दिल्ली से वाराणसी पहुंच रहे हैं। बनारस से खजुराहो तक 469 किलोमीटर की दूरी भी लोग 8 घंटे में पहुंच रहे हैं।
एक नजर में वंदे भारत का संचालन
- ट्रेन नंबर 22415-वाराणसी से नई दिल्ली
- ट्रेन नंबर 22416-नई दिल्ली से वाराणसी।
- ट्रेन नंबर 22435-वाराणसी से नई दिल्ली
- ट्रेन नंबर 22436-नई दिल्ली से वाराणसी।
- ट्रेन नंबर 20888-वाराणसी से रांची
- ट्रेन नंबर 22500-वाराणसी से देवघर
- ट्रेन नंबर 26506-बनारस से खजुराहो।
- ट्रेन नंबर 27421-वाराणसी से नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत
- ट्रेन नंबर 27422-नई दिल्ली से वाराणसी स्लीपर वंदे भारत
वंदे भारत से यात्रा आसान हुई है। अच्छी सुविधा के बीच कम समय में दिल्ली सहित दूसरे शहरों की दूरी तय हो रही है। स्लीपर वंदे भारत का संचालन वाराणसी कैंट से होगा। - बीके यादव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे
अब यूपी को रेलवे का 20 हजार करोड़ का बजट
रेलमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रेलवे के बजट में हुई वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उत्तर प्रदेश को रेलवे के लिए करीब 1100 करोड़ रुपये का बजट मिलता था। आज यह बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है। यानी रेलवे बजट में लगभग 20 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल वंचित और मध्यम वर्ग के यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। राहुल और अखिलेश पर इशारा करते हुए रेलमंत्री ने कहा कि दो लड़कों ने अभी तक उप्र को कम रेल बजट दिया था।
सरदार पटेल की जयंती पर एकता के सूत्र में रेल नेटवर्क का संदेश : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती है। उन्होंने अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसी तरह भारतीय रेल भी पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक देश को जोड़कर स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण का स्वागत करते हुए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल लंबे समय तक गरीब, बुजुर्ग और आम आदमी की सवारी रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। एक समय था जब रेल यात्रा में काफी समय लगता था और सुविधाओं का अभाव था। आज रेलवे की तस्वीर बदल रही है। उत्तर प्रदेश में सभी रेल लाइनों को ब्रॉडगेज में बदला गया है।
15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री ने देश की पहली वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ दिल्ली से वाराणसी के बीच किया था। वह चेयरकार ट्रेन थी, जबकि अब शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को रात में आरामदायक सफर की सुविधा देगी। इससे आध्यात्मिक राजधानी काशी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच आवागमन और सुगम होगा।