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फर्जी लेटरपैड लेकर जबलपुर सेना ट्रेनिंग को पहुंचे चंदौली और गाजीपुर के छह युवक गिरफ्तार
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फर्जी दस्तावेज के आधार पर जबलपुर स्थित ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर में ट्रेनिंग के लिए पहुंचे चंदौली और गाजीपुर के छह युवकों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चंदौली के पांच और गाजीपुर के एक सहित नौ नवयुवकों के खिलाफ जबलपुर के गोरखपुर थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज है।
युवकों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वाराणसी स्थित छावनी क्षेत्र के मेजर अजय कपूर ने लेटर देकर नौकरी को भेजा है। हालांकि जबलपुर पुलिस की तफ्तीश में वाराणसी में अजय कपूर नाम का कोई कभी तैनात नहीं रहा है। ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर के नायब सूबेदार धर्मवीर सिंह की तहरीर पर नवयुवकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
अगस्त के अंतिम सप्ताह में जबलपुर के गोरखपुर थाना में तहरीर देकर नायब सूबेदार धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया कि चंदौली निवासी विकास यादव, चंदौली के धानापुर निवासी गोविंद यादव, चंदौली निवासी पंकज कुमार, अजीत यादव, अमित यादव, गाजीपुर निवासी उपेंद्र यादव और फजीपुर निवासी नीतेश यादव सभी ने आर्मी रिक्रूटमेंट बोर्ड के नाम से लिफाफे ग्रेनेडेसियर्स सेेंटर में देते हुए ट्रेनिंग के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सभी युवकों को 14 दिन के लिए क्वांरटीन रखा गया। इसके बाद उनके लिफाफों को खोला गया, तो उसमें अजय कपूर मेजर ओआईसी आरआरसी के सील और साइन किया हुआ पत्र निकला। संदेह होने पर जब ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर के अधिकारियों ने जांच की, तो पता चला कि लेटर पैड फर्जी है।
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युवकों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वाराणसी स्थित छावनी क्षेत्र के मेजर अजय कपूर ने लेटर देकर नौकरी को भेजा है। हालांकि जबलपुर पुलिस की तफ्तीश में वाराणसी में अजय कपूर नाम का कोई कभी तैनात नहीं रहा है। ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर के नायब सूबेदार धर्मवीर सिंह की तहरीर पर नवयुवकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अगस्त के अंतिम सप्ताह में जबलपुर के गोरखपुर थाना में तहरीर देकर नायब सूबेदार धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया कि चंदौली निवासी विकास यादव, चंदौली के धानापुर निवासी गोविंद यादव, चंदौली निवासी पंकज कुमार, अजीत यादव, अमित यादव, गाजीपुर निवासी उपेंद्र यादव और फजीपुर निवासी नीतेश यादव सभी ने आर्मी रिक्रूटमेंट बोर्ड के नाम से लिफाफे ग्रेनेडेसियर्स सेेंटर में देते हुए ट्रेनिंग के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सभी युवकों को 14 दिन के लिए क्वांरटीन रखा गया। इसके बाद उनके लिफाफों को खोला गया, तो उसमें अजय कपूर मेजर ओआईसी आरआरसी के सील और साइन किया हुआ पत्र निकला। संदेह होने पर जब ग्रेनेडियर्स रेजीमेंटल सेंटर के अधिकारियों ने जांच की, तो पता चला कि लेटर पैड फर्जी है।
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