बड़ी कार्रवाई: बीएचयू अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों से मारपीट करने वाले 6 छात्र निलंबित, 5 दिन तक चली थी हड़ताल
बीएचयू अस्पताल में 20 सितंबर की रात जूनियर डॉक्टरों से मारपीट करने के आरोपी छह छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एक छात्र के परिसर में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में जूनियर डॉक्टरों से मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बीएचयू अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों को पीटने के आरोपों से घिरे छह छात्रों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबित अजीत कुमार यादव का विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
इस मामले में अजीत और रंजीत कुमार यादव की पहचान सीसी कैमरे की फुटेज से की गई थी। आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया था, जहां से अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। बीते 20 सितंबर की रात बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में छात्रों ने जूनियर डॉक्टरों संग मारपीट की थी। हमले में पांच जूनियर डॉक्टर घायल हुए थे।
21 सितंबर से हड़ताल पर थे डॉक्टर
मामले को लेकर अगले दिन लंका थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया तो वहीं जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। सुरक्षा और कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर 26 सितंबर को पांच दिन पुरानी हड़ताल खत्म हुई।
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बीएचयू के कुलसचिव कार्यालय (शिक्षण) की तरफ से जारी सूचना के अनुसार समिति ने डॉक्टरों की पिटाई और उससे हुई दिक्कत की जांच की है। समिति की सिफारिश पर ही कुलपति प्रो. एसके जैन ने छह विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की सभी सुविधाओं से निलंबित करने का आदेश दिया है। सामाजिक विज्ञान संकाय के शोध छात्र रंजीत कुमार यादव, बीए ऑनर्स का छात्र प्रशांत गिरी, एमए हेरिटेज मैनेजमेंट के सत्यम सिंह, डिप्लोमा इन टूरिज्म मैनेजमेंट का छात्र हर्ष प्रताप सिंह, एमए का छात्र कुलदीप तिवारी और अजय प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
अजीत के खिलाफ चार तो रोहित पर तीन मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, अजीत यादव और रंजीत कुमार यादव आदतन मारपीट करते हैं। अजीत के खिलाफ अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। रोहित के खिलाफ भी तीन मुकदमे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की छानबीन जारी है। पुख्ता आधार पर विश्वविद्यालय से निष्कासन की कार्रवाई भी की जा सकती है।