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बसपा और सपा सरकार में 137 विकास कार्यों में हुए घोटाले की जांच एसआईटी ने की पूरी, कई जा सकते हैं जेल 

Fri, 25 Sep 2020 09:37 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 25 Sep 2020 09:37 AM IST
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SIT completes inquiry into scams in 137 development works in BSP and SP government
investigation - फोटो : pixabay

बसपा और सपा शासनकाल के दौरान पूर्वांचल के 13 जिलों में राजकीय निर्माण निगम के माध्यम से कराए गए 137 विकास कार्यों में हुए घोटाले की जांच एसआईटी ने पूरी कर ली है। विशेष जांच दल ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

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कई मामलों में एसआईटी ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके विवेचना की मंजूरी मांगी है। विकास कार्यों पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसकी सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मचा है। चर्चा इस बात की है कि यदि एफआईआर हुई तो कई ठेकेदारों के इंजीनियरों को जेल जाना पड़ेगा। 
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वाराणसी मंडल में कुल 81 मामले हैं जिन की एसआईटी जांच चल रही है। इनमें वाराणसी कि 7 परियोजनाएं हैं जिनकी एसआईटी जांच चल रही है। इनमें वाराणसी की 25 करोड़ रुपए की 7 परियोजनाएं हैं। जिसमें केंद्रीय कारागार की ही 17 करोड़ की परियोजना है।
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इनमें पर्यटन विभाग का शिल्प कला केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोबराहा, केद्रीय कारागार में आवास और बैरक का निर्माण, उसके मुख्य प्राचीर का निर्माण, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण कार्य है। जिनकी एसआईटी जांच चल रही है। 

जांच रिपोर्ट में ये हुआ खुलासा

सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कार्यों की गुणवत्ता खराब होने, तय समय में योजनाएं पूरी न होने और पूर्व निर्धारित आकलन से ज्यादा लागत लगाए जाने का खुलासा किया है। कुछ योजनाओं में बार-बार ठेकेदार बदले जाने और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए लागत आकलन संशोधित किए जाने का मामला भी पकड़ में आया।
 

 

ऐसे में शासन की मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था के कई अधिकारियों एवं इंजीनियरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। 2006 से 2012 के बीच बसपा व सपा शासनकाल में वाराणसी व आसपास जिलों में पीडब्ल्यूडी के अधीन संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा किए गए कार्यों की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। निर्माण निगम ने इन जिलों में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, थाना भवन, जेल व पुलिस लाइन आदि का निर्माण कराया था। इन कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें मिली थीं। 
 

वाराणसी में  7 परियोजनाओं की एसआईटी जांच चल रही है। इन सब का निर्माण कार्य अधर में है। शासन से निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। जैसे आदेश मिलेगा वैसे काम शुरू होगा।
आरवी सिंह, परियोजना प्रबंधक निर्माण निगम

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