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दादा को मनाने के लिए सिन्हा और पांडेय बनारस पहुंचे
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Wed, 01 Feb 2017 02:17 AM IST
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डीरेका गेस्ट हाउस में मनोज सिन्हा और डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय।
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टिकट बंटवारे को लेकर पैदा हुए असंतोष को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री के दूत के रूप में दो केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को बनारस में डेरा डाल दिया है। सुबह से ही शाम तक अटकलें लगाई जाती रहीं कि शहर दक्षिणी के भाजपा विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा को मनाने के लिए केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय उनके घर जा सकते हैं। हालांकि रात नौ बजे तक दोनों मंत्री डीरेका गेस्ट हाउस में मंत्रणा में जुटे रहे लेकिन दादा के घर कोई नहीं पहुंचा।
बता दें कि इससे पहले 27 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी कार्यकर्ताओं का अंसतोष दूर करने के लिए यहां आए थे। दोनों नेताओं को एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा था। मौर्य को प्रेस कांफ्रेंस से लेकर दादा से घर जाकर मिलने तक के कार्यक्रम तक कार्यकर्ताओं के गुस्सा झेलना पड़ा था। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल भी बुधवार को बनारस आ रहे हैं।
बता दें कि टिकट कटने से नाराज शहर दक्षिण्ी के सात बार विधायक रहे दादा को मनाने के लिए आए मौर्य ने दादा से दो दिन की मोहलत मांगी थी। अब वह समय भी बीत गया है। अब तक प्रदेश मुख्यालय से किसी जिम्मेदार नेता ने दादा से संपर्क नहीं किया है। चौथे दिन दो केंद्रीय मंत्रियों को दादा की नाराजगी दूर करने के लिए भेजा गया है। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस मसले पर कुछ पदाधिकारियों से बातचीत भी की।
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बताया गया कि शादी समारोह में भाग लेने के बहाने दोनों मंत्रियों ने यहां कैंप किया है। उधर, दादा ने अमर उजाला से कहा कि न उन्हें राज्यपाल या किसी बड़े पद पर बैठाने की भी चर्चाएं की जा रही हैं लेकिन ऐसे पदों पर आसीन होने का उन्हें लोभ नहीं है। जिस काशी की जनता का 35 सालों से प्यार मिला है। उसी प्यार के लिए वह बनारस में हैं और रहेंगे। दादा ने बताया कि उनसे किसी मंत्री ने न तो संपर्क किया है न ही उनके मिलने का संदेश मिला है।
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बता दें कि इससे पहले 27 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी कार्यकर्ताओं का अंसतोष दूर करने के लिए यहां आए थे। दोनों नेताओं को एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा था। मौर्य को प्रेस कांफ्रेंस से लेकर दादा से घर जाकर मिलने तक के कार्यक्रम तक कार्यकर्ताओं के गुस्सा झेलना पड़ा था। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल भी बुधवार को बनारस आ रहे हैं।
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बता दें कि टिकट कटने से नाराज शहर दक्षिण्ी के सात बार विधायक रहे दादा को मनाने के लिए आए मौर्य ने दादा से दो दिन की मोहलत मांगी थी। अब वह समय भी बीत गया है। अब तक प्रदेश मुख्यालय से किसी जिम्मेदार नेता ने दादा से संपर्क नहीं किया है। चौथे दिन दो केंद्रीय मंत्रियों को दादा की नाराजगी दूर करने के लिए भेजा गया है। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस मसले पर कुछ पदाधिकारियों से बातचीत भी की।
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बताया गया कि शादी समारोह में भाग लेने के बहाने दोनों मंत्रियों ने यहां कैंप किया है। उधर, दादा ने अमर उजाला से कहा कि न उन्हें राज्यपाल या किसी बड़े पद पर बैठाने की भी चर्चाएं की जा रही हैं लेकिन ऐसे पदों पर आसीन होने का उन्हें लोभ नहीं है। जिस काशी की जनता का 35 सालों से प्यार मिला है। उसी प्यार के लिए वह बनारस में हैं और रहेंगे। दादा ने बताया कि उनसे किसी मंत्री ने न तो संपर्क किया है न ही उनके मिलने का संदेश मिला है।