बीएचयू में गलत सर्जरी का मामला: 14 को कारण बताओ नोटिस, विवि प्रशासन ने बताया जिम्मेदार; 7 दिन में मांगा जवाब
Varanasi News: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 7 मार्च को हुई गलत सर्जरी के मामले में जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन सख्त हुआ है। 14 डॉक्टरों व कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए उपकुलसचिव विजिलेंस ने कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। लापरवाही सर्जरी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में पाई गई।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बलिया निवासी राधिका देवी (71) की 7 मार्च को हुई गलत सर्जरी के मामले में अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद जहां प्रशासन ने 14 लोगों को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं अब उपकुलसचिव विजिलेंस की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है।
ट्रॉमा सेंटर में महिला राधिका देवी को स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर की समस्या होने पर 24 फरवरी को न्यूरो सर्जरी वार्ड में डॉ. अनुराग साहू के निर्देशन में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज भी डॉ. साहू के निर्देशन में चल रहा था। इस बीच 7 मार्च को न्यूरो सर्जरी की जगह आर्थो विभाग के डॉ. अमित रस्तोगी के निर्देशन वाली डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन थियेटर में इसी महिला की जांघ में चीरा लगा दिया।
जब पता चला कि जांघ की हड्डी सही है और यह महिला दूसरी राधिका देवी है तो सभी के होश उड़ गए। इसके बाद 18 मार्च को इसी महिला की न्यूरो सर्जरी विभाग की टीम ने सर्जरी की। महिला की 27 मार्च को मौत हो गई तो उनके पोते मृत्युंजय पाल ने निदेशक और कुलपति से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
आईएमएस निदेशक की ओर से प्रो. अजीत सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट निदेशक को सौंपी। निदेशक ने रिपोर्ट कुलपति को भेजी, जिसके बाद 29 अप्रैल को बीएचयू प्रशासन ने एक रिपोर्ट जारी कर गलत सर्जरी के इस प्रकरण में आर्थो विभाग, न्यूरो सर्जरी, एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों व कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए 14 लोगों पर कार्रवाई की बात कही थी।
जिसकी थी जो जिम्मेदारी, उसमें लापरवाही पर मांगा गया है जवाब
गलत सर्जरी के इस प्रकरण में उपकुलसचिव विजिलेंस कार्यालय की ओर से जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। इसमें जांच समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। खास बात यह है कि जिसकी जो जिम्मेदारी है, उससे उसमें की गई लापरवाही का कारण पूछा गया है।
मरीज को वार्ड से ऑपरेशन थियेटर तक ले जाने, एनेस्थीसिया देने, सर्जरी करने की प्रक्रिया आदि में शामिल सभी लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कर्तव्यों के निर्वहन में सावधानी और सतर्कता न बरतने का जिक्र है। उपकुलसचिव की ओर से 29 अप्रैल की तिथि को जारी नोटिस 30 अप्रैल को दिन में जिम्मेदार लोगों को प्राप्त कराया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 को बताया जिम्मेदार, सामने नहीं आया नाम
ट्रॉमा सेंटर में गलत सर्जरी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार की देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एक रिपोर्ट जारी कर आर्थो विभाग, न्यूरो सर्जरी, एनेस्थीसिया विभाग और नर्सिंग विभाग के 14 डॉक्टरों व कर्मचारियों को जिम्मेदार बताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से जारी रिपोर्ट में जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अब सवाल यह है कि जब 14 लोगों को जिम्मेदार बताया जा रहा है तो उनके नाम क्यों नहीं सार्वजनिक किए जा रहे हैं।