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शिवगंगा एक्सप्रेस के इंजन में उलझा तार, डिरेलमेंट से बची, यात्रियों में अफरातफरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:27 PM IST
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- फोटो : Demo
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मंडुवाडीह से नई दिल्ली जा रही शिवगंगा एक्सप्रेस उस समय डिरेल होने से बच गई, जब उसके इंजन में रविवार रात विद्युतीकरण के लिए लगाया जा रहा तार उलझ गया। रामनाथपुर स्टेशन के करीब हुई घटना के बाद ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया।
इसी दौरान पत्थर टकराने से डरे-सहमे यात्री इंजन से विद्युत तार उलझने की जानकारी पर करेंट आने की आशंका में कोच से बाहर निकल आए। ट्रेन करीब आधा घंटा वहां खड़ी रही। बाद में कॉशन पर ट्रेन इलाहाबाद रवानी की गई और सिटी स्टेशन पर उलझे तार काट कर निकाले गए।
मंडुवाडीह-इलाहाबाद के बीच रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण किया जा रहा है। मंडुवाडीह के बाद शिवगंगा का पहला स्टॉपेज इलाहाबाद जंक्शन है। रामनाथपुर स्टेशन के पास से जब ट्रेन गुजरी तो ट्रैक पर लटका तार इंजन में उलझ गया। जोर की आवाज आने के कारण यात्रियों को लगा ट्रेन बेपटरी हो गई है।
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ट्रेन ड्राइवर भी अंधेरा होने के कारण कुछ समझ नहीं पाया और आनन-फानन में ट्रेन रोक दी। उतर कर देखने पर मालूम पड़ा कि विद्युतीकरण के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की ओर से लगाया जा रहा तार उलझ गया है।
तार में करेंट नहीं था। आरपीएफ और यात्रियों के सहयोग से तार को अलग करने का प्रयास किया गया पर कामयाबी नहीं मिली। वाराणसी स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ऑफिस में इसकी सूचना दी गई। जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तार उलझने के ट्रेन को रात 10:15 बजे इलाहाबाद सिटी स्टेशन ले लाया गया। यहां तार को काटकर अलग किया गया।
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इसी दौरान पत्थर टकराने से डरे-सहमे यात्री इंजन से विद्युत तार उलझने की जानकारी पर करेंट आने की आशंका में कोच से बाहर निकल आए। ट्रेन करीब आधा घंटा वहां खड़ी रही। बाद में कॉशन पर ट्रेन इलाहाबाद रवानी की गई और सिटी स्टेशन पर उलझे तार काट कर निकाले गए।
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मंडुवाडीह-इलाहाबाद के बीच रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण किया जा रहा है। मंडुवाडीह के बाद शिवगंगा का पहला स्टॉपेज इलाहाबाद जंक्शन है। रामनाथपुर स्टेशन के पास से जब ट्रेन गुजरी तो ट्रैक पर लटका तार इंजन में उलझ गया। जोर की आवाज आने के कारण यात्रियों को लगा ट्रेन बेपटरी हो गई है।
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ट्रेन ड्राइवर भी अंधेरा होने के कारण कुछ समझ नहीं पाया और आनन-फानन में ट्रेन रोक दी। उतर कर देखने पर मालूम पड़ा कि विद्युतीकरण के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की ओर से लगाया जा रहा तार उलझ गया है।
तार में करेंट नहीं था। आरपीएफ और यात्रियों के सहयोग से तार को अलग करने का प्रयास किया गया पर कामयाबी नहीं मिली। वाराणसी स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ऑफिस में इसकी सूचना दी गई। जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तार उलझने के ट्रेन को रात 10:15 बजे इलाहाबाद सिटी स्टेशन ले लाया गया। यहां तार को काटकर अलग किया गया।
एक बार लगा जैसे ट्रेन पर पथराव हो रहा हो
शिवगंगा एक्सप्रेस का इंजन के इलेक्ट्रिक तार से उलझने के बाद आई आवाजों से एकबारगी यात्रियों को लगा जैसे ट्रेन पर पथराव हो गया है। डर के कारण स्लीपर कोच की खिड़कियों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। कई लोग सीटों के नीचे दुबक गए। यात्रियों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था।
ट्रेन के एस-4 कोच में सफर कर रहे बीएएचयू के छात्र सौरभ ने बताया कि ट्रेन के इंजन में तार उलझ गया और फिर पहियों में फंस गया। वहीं ट्रैक पर पड़ी गिट्टी तार से उछलकर बोगियों से टकराने लगी। अंधेरे में लोगों को बाहर कुछ नजर नहीं आ रहा था। बोगियों में शोर शराबे के बीच इमरजेंसी ब्रेक ने लोगों की दिल की धड़कनें तेज कर दीं।
ट्रेन रुकने पर यात्री नीचे उतरे तो देखा कि इंजन में तार लिपटा हुआ है। उसे इंजन से अलग करने का प्रयास किया गया। आरपीएफ व यात्रियों ने तार को मोड़ कर अंदर किया, तब ट्रेन धीरे-धीरे इलाहाबाद सिटी स्टेशन पहुंची।
वाराणसी मंडल के रेल प्रबंधक एसके झा भी इसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। घटना को लेकर उन्होंने मातहत अधिकारियों से बातचीत के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी।
ट्रेन के एस-4 कोच में सफर कर रहे बीएएचयू के छात्र सौरभ ने बताया कि ट्रेन के इंजन में तार उलझ गया और फिर पहियों में फंस गया। वहीं ट्रैक पर पड़ी गिट्टी तार से उछलकर बोगियों से टकराने लगी। अंधेरे में लोगों को बाहर कुछ नजर नहीं आ रहा था। बोगियों में शोर शराबे के बीच इमरजेंसी ब्रेक ने लोगों की दिल की धड़कनें तेज कर दीं।
ट्रेन रुकने पर यात्री नीचे उतरे तो देखा कि इंजन में तार लिपटा हुआ है। उसे इंजन से अलग करने का प्रयास किया गया। आरपीएफ व यात्रियों ने तार को मोड़ कर अंदर किया, तब ट्रेन धीरे-धीरे इलाहाबाद सिटी स्टेशन पहुंची।
वाराणसी मंडल के रेल प्रबंधक एसके झा भी इसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। घटना को लेकर उन्होंने मातहत अधिकारियों से बातचीत के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी।
बदलते रहे प्लेटफार्म, यात्री हुए परेशान
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार का दिन यात्रियों के लिए कई समस्या लेकर आया। जहां दो घंटे तक आउटर पर बेगमपुरा एक्सप्रेस के खड़ी रहने की वजह से यात्रियों ने हंगामा किया तो वहीं कई ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने के चलते भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसको लेकर यात्रियों में जबरदस्त रोष नजर आया।
वाराणसी आने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस दो घंटे तक आउटर में खड़ी कर दी गई। ऐसे में जहां उतरने की तैयारी कर चुके यात्री ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने का इंतजार करते रहे तो वहीं उनको लेने आए परिजन प्लेटफार्म पर लंबे समय तक खड़े रहे। कुछ लोगों ने कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मियों से यह जानने की कोशिश किया कि आखिर ट्रेन को आउटर पर क्यों रोका गया है पर उसका कोई संतोषजनक जवाब नही मिला।
इसको लेकर यात्रियों ने शोर शराबा शुरू कर दिया। हर कोई व्यवस्था को कोसता रहा। बेगमपुरा से वाराणसी आ रहे धर्मजीत शर्मा की दूसरी ट्रेन छूट गई। उनको उपासना से आरा जाना था। धर्मजीत ने डिप्टी एसएस कार्मशियल के यहां शिकायत दर्ज कराई। उधर, पूरे दिन प्लेटफार्म बदलने की सूचनाएं ही प्रसारित होती रहीं। पटना कोटा एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर आठ से पांच पर लिया गया तो वहीं फरक्का एक्सप्रेस नौ से पांच पर कर दी गई।