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Varanasi News : महाशिवरात्रि के दिन ही निकलेगी शिव बरात, 43 साल की परंपरा नहीं टूटेगी, आम सहमति के बाद फैसला
Wed, 26 Feb 2025 12:43 AM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:43 AM IST
सार
महाशिवरात्रि के दिन ही निकलेगी शिव बरात। 43 साल पुरानी परंपरा नहीं टूटेगी और भक्तों को अब इसके भी दर्शन होंगे। बता दें कि पहले 27 को बरात निकालने का फैसला हुआ था जिसके बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाए और राज्यमंत्री ने हस्तक्षेप करके विवाद को सुलझाया अब आम सहमति के बाद फैसला लिया गया।
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शिव बरात, फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाशिवरात्रि पर शिव बरात निकालने की 43 साल पुरानी परंपरा चलती रहेगी। सभी समितियों की शिव बरात बुधवार की रात आठ बजे ही धूमधाम से निकलेगी। इससे पहले महाकुंभ के पलट प्रवाह को देखते हुए एक समिति ने 27 फरवरी को बरात निकालने का फैसला किया था। इस पर विवाद हुआ तो समितियों ने बैठक करके महाशिवरात्रि पर ही बरात निकालने का निर्णय ले लिया।
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शिव बरात निकालने पर समितियों के बीच विवाद हुआ। मामला यूपी सरकार के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल के पास पहुंचा तो उन्होंने आयोजकों के साथ बैठक की। राज्यमंत्री ने बताया कि शिव बरात की तिथि में कोई बदलाव नहीं होगा। बरात महाशिवरात्रि पर निकलेगी। भीड़ की वजह से इसे एक दिन आगे बढ़ाने की कवायद हो रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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इस सिलसिले में आयोजन मंडल के पदाधिकारियों से बात हुई है। बरात काशी की परंपरा के अनुसार निकलेगी। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि बरात से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न होने पाए।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने घेरा
महाशिवरात्रि के एक दिन बाद शिव बरात निकालने का कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि शासन–प्रशासन के दबाव में काशी में शिव बरात इस बार महाशिवरात्रि पर नहीं निकलेगी, जो काशी की मूल परंपरा से खिलवाड़ है। परंपरा के अनुसार बरात महामृत्युंजय मंदिर, दारानगर से उठकर मैदागिन, बुलानाला, चौक, बाबा धाम गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क तक जाती है। वहां वधू-पक्ष भांग ठंडई, माला-फूल से बरातियों की अगवानी करते हैं। इसी परंपरा को भाजपा सरकार खत्म कर रही है।
11 किन्नर करेंगे बरात की अगुवाई, लालकुटी से शाम छह बजे, तिलभांडेश्वर से दोपहर 12 बजे निकलेगी शिव बरात
अस्सी, वरुणा, सारनाथ, लक्सा क्षेत्र में बरात समितियों ने महाशिवरात्रि पर बरात निकालने की तैयारियों को देर रात तक अंतिम रूप दिया। शिवगंगे सेवा समिति के संस्थापक राजेश कुमार ने बताया कि शिव बरात बैजनत्था मंदिर बिरदोपुर से निकलेगी।
बरात परंपरागत मार्ग श्री आदि शंकराचार्य नगर कॉलोनी से उठकर बैजनत्था रोड, विनायका चौराहा, कमच्छा, रथयात्रा, महमूरगंज, गिरी नगर कॉलोनी, बैजनत्था मंदिर के पीछे वाली गली से होते हुए बैजनत्था मंदिर पर पहुंच कर समाप्त होगी। बरात में बैंड, नगाड़ा, शहनाई, बग्घी, घोड़े, लाग, राम दरबार, कालभैरव नाथ, राधाकृष्ण की झांकी होगी। बरात की अगुवाई 11 किन्नर करेंगे।
वहीं, लालकुटी व्यायामशाला से निकलने वाली शिवबरात के संयोजक अजय वर्मा ने बताया कि बुधवार को बरात लालकुटी व्यायामशाला से शाम छह बजे निकलेगी। रामापुरा, देवकीनंदन खत्री कोठी से गिरिजाघर चौराहे से लक्सा लौटेगी। तिलभांडेश्वर शिव बरात समिति के अध्यक्ष रामबाबू यादव ने बताया कि तिलभांडेश्वर मंदिर से दोपहर 12 बजे शिव बरात निकलेगी।
रामनगर-पिंडरा में भी निकलेगी शिव बारात
देव दीपावली एवं शिव बरात पूजा ट्रस्ट के अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने बताया कि शिव बरात की झांकी शाम छह बजे बलुआघाट धर्मशाला से निकलेगी। लाग विमानों के साथ बरात नगर के चारों ओर भ्रमण करेगी। वहीं, पिंडरा, फूलपुर, मंगारी, सिंधोरा व कुआर में शिव बरात निकाली जाएगी।
क्षेत्र के मिराशाह स्थित शिव मंदिर, विविरछा रामपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, नकतेश्वरी स्थित पिपलेश्वर महादेव व सिंधोरा स्थित महादेव मंदिर, नेवादा स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर मेला लगेगा। सिंधोरा स्थित प्राचीन शिव हनुमान मंदिर पर भंडारा होगा। उजाला दुर्गा पूजा समिति की ओर से भी शिव बरात निकलेगी। संवाद