Varanasi: देश छोड़ने से पहले 30 करोड़ रुपये विदेश भेज चुका था शाइन सिटी का MD राशिद नसीम
पांच लाख के इनामी भगोड़े राशिद नसीम का भाई और शाइन सिटी का निदेशक आसिफ नसीम इन दिनों वाराणसी जिला जेल में बंद है। ईओडब्ल्यू उससे लगातार पूछताछ कर रही है।
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लुभावने ऑफर देकर आमजन के करोड़ों रुपये हड़पने वाली कंपनी शाइन सिटी का प्रबंध निदेशक (एमडी) राशिद नसीम देश छोड़ने से पहले 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि विदेश भेज चुका था। इस काम के लिए उसने गुजरात की एक कंपनी का सहारा लिया था। पैसा किस्तों में भेजा था। इसका खुलासा आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) की अलग-अलग जांच में हुआ है।
पांच लाख के इनामी भगोड़े राशिद नसीम का भाई और शाइन सिटी का निदेशक आसिफ नसीम इन दिनों वाराणसी जिला जेल में बंद है। ईओडब्ल्यू उससे लगातार पूछताछ कर रही है। दरअसल, शाइन सिटी कंपनी के संचालकों और उनके करीबियों के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 452 मुकदमे दर्ज हैं।
जानता था कि फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ जरूर होगा
इनमें से 80 मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू की वाराणसी इकाई कर रही है। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए आसिफ नसीम को लखनऊ से वाराणसी जिला जेल लाया गया है। आसिफ नसीम से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज होने लगे तो एमडी राशिद नसीम ने वर्ष 2019 में देश छोड़ दिया। वह भारत से भाग कर नेपाल गया था, फिर नेपाल से ही सऊदी अरब गया था।
सऊदी अरब से वह दुबई का रुख कर गया। राशिद नसीम जानता था कि उसके फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ जरूर होगा, इसलिए देश छोड़ने से पहले उसने विदेशी लेनदेन के लिए अधिकृत गुजरात की एक कंपनी के जरिये 30 करोड़ से ज्यादा रुपये सुरक्षित तरीके से अपने करीबियों के बैंक अकाउंट में विदेश भेजवा दिया।
जांच एजेंसियों से जुड़े अफसरों का कहना है कि प्रमाण इसके भी मिले हैं कि देश छोड़ने से पहले राशिद नसीम ने हवाला के जरिये भी तगड़ी रकम अपने करीबियों के पास विदेश भेजी थी। फिलहाल अलग-अलग एजेंसियों की जांच जारी है। राशिद नसीम को देश वापस लाए जाने का इंतजार है।
वाराणसी में कई जगह है अचल संपत्ति
शाइन सिटी कंपनी के संचालकों ने वाराणसी के अलावा लखनऊ, प्रयागराज और गाजियाबाद में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी थी। अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, कंपनी के संचालकों और उनके करीबियों के नाम पर वाराणसी में राजातालाब, बाबतपुर, शिवपुर और रामनगर क्षेत्र में जमीन है। अब अदालत के आदेश से चिह्नित इलाकों में स्थित शाइन सिटी कंपनी की जमीन कुर्क कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
40 फीसदी रुपये लोगों पर और शेष खुद के लिए करता था खर्च
शाइन सिटी के निदेशक आसिफ नसीम से पूछताछ में सामने आया कि राशिद नसीम पहले से ही निर्धारित कर रखा था कि फर्जीवाड़े से मिले पैसे में कहां और कितना खर्च करना है। आसिफ ने बताया कि किसी कस्टमर से यदि सौ रुपये मिलते थे तो उसमें 35 से 40 फीसदी तक ऑफिस स्टाफ, ऑफिस मेंटेनेंस, एजेंट, क्लाइंट मीटिंग, साइट और पार्टी आदि पर खर्च होते थे। शेष पैसे में से राशिद नसीम खुद के लिए बचत करने के साथ ही जमीन में भी निवेश करता था। आसिफ नसीम ने बताया कि कंपनी के शुरुआती दौर में हमारा उद्देश्य ऐसा नहीं था कि देश छोड़ने और जेल जाने की नौबत आएगी। लेकिन, अंधाधुंध पैसा आने लगा तो फिर हम लोग धोखाधड़ी खुलकर करने लगे।