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यूपीटीयू की प्रवेश परीक्षा में शीराली को 9वीं रैंक
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Thu, 21 May 2015 02:23 AM IST
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वाराणसी। यूपीटीयू की ओर से आयोजित राज्य प्रवेश परीक्षा परिणाम (एसईई) बुधवार को दोपहर बाद जारी हुआ। इस प्रवेश परीक्षा में टॉप टेन की सूची में वाराणसी के दो होनहारों ने जगह बनाकर जिले का मान बढ़ाया है। सूची में लोहता की शीराली प्रजापति ने 9वां और सुशील कुमार ने 10वां स्थान प्राप्त किया है।
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इंजीनियर बनना चाहती है शीराली
वाराणसी। लोहता के मायापुरी कालोनी में रहने वाले इं. अदालत प्रजापति और किरन की बेटी शीराली इंजीनियर बनना चाहती है। माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए शीराली का कहना है कि मंजिल हासिल करने के लिए दृढ़ निश्चय जरूरी है। सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। बताया कि नानी के घर से प्राथमिक शिक्षा की शुरूआत हुई। इसके बाद कक्षा छह से दस तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, मऊ में हुई और इंटरमीडिएट सेंट्रल हिंदू स्कूल से किया।
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सुशील को जेईई एडवांस का इंतजार
वाराणसी। 10वीं रैंक हासिल करने वाले सुशील कुमार का कहना है कि अभी वह जेईई एडवांस के परिणाम का इंतजार कर रहा है। बताया कि पिछले साल इस परीक्षा में असफल होने होने के बाद निराश होने की बजाय लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करता रहा। सेंट जांस स्कूल, मढ़ौली से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सुशील का कहना है लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास से सफलता जरूरी मिलती है। कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए। उसने सफलता का श्रेय माता-पिता और शुभचिंतकों को दिया है।
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इंजीनियर बनना चाहती है शीराली
वाराणसी। लोहता के मायापुरी कालोनी में रहने वाले इं. अदालत प्रजापति और किरन की बेटी शीराली इंजीनियर बनना चाहती है। माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए शीराली का कहना है कि मंजिल हासिल करने के लिए दृढ़ निश्चय जरूरी है। सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। बताया कि नानी के घर से प्राथमिक शिक्षा की शुरूआत हुई। इसके बाद कक्षा छह से दस तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, मऊ में हुई और इंटरमीडिएट सेंट्रल हिंदू स्कूल से किया।
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सुशील को जेईई एडवांस का इंतजार
वाराणसी। 10वीं रैंक हासिल करने वाले सुशील कुमार का कहना है कि अभी वह जेईई एडवांस के परिणाम का इंतजार कर रहा है। बताया कि पिछले साल इस परीक्षा में असफल होने होने के बाद निराश होने की बजाय लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करता रहा। सेंट जांस स्कूल, मढ़ौली से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सुशील का कहना है लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास से सफलता जरूरी मिलती है। कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए। उसने सफलता का श्रेय माता-पिता और शुभचिंतकों को दिया है।
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