कोरोना की मारः दिन में ही बज रही शहनाई और निकल रही बारात, दो गज की दूरी पर हो रही जयमाल
रात्रि कर्फ्यू के चलते शाम तक निपटा लिया जा रहा है शादी विवाह का कार्यक्रम
मैरेज लान व होटलों में रखा जा रहा है कोविड गाइडलाइन का ध्यान
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कोरोना संक्रमण की उठी दूसरी लहर में हर ओर हाहाकार मचा है। वहीं इसी में लोग शादी-विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों को भी निपटा रहे हैं। अब दिन में ही शहनाई की गूंज सुनाई दे रही है और दो गज की दूरी पर जयमाल की रस्म के साथ सात फेरे लेकर वर-वधु होटल और मैरेज लॉन से विदा ले रहे हैं।
वाराणसी में वैवाहिक लग्न शुरू तो हो चुका है, लेकिन शादी-विवाह का जो उल्लास और उमंग रहता था वह इस वैवाहिक लग्न में नहीं दिख रहा है। अप्रैल माह में शहर के अधिकतर मैरेज लान और बैंक्वेट हाल की दिन में बुकिंग है, लेकिन रात में सब खाली हैं। रात्रि कर्फ्यू के दिन में शादी ब्याह की रस्म पूरी करा रहे हैं। कोविड प्रोटोकाल के तहत 50 से 100 लोगों की उपस्थिति में शादी विवाह संपन्न करा ले रहे हैं। अब रात का झंझट ही खत्म हो गया है। इसलिए न रोड लाइट, न बैंड बाजा और न ही आतिशबाजी की जरूरत पड़ रही है।
वेडिंग इंडस्ट्रीज से जुड़े रोड लाइट, अतिशबाजी और बैंड-डीजे वाले कोरोना को कोस रहे हैं। कैटरिंग और सजावट वाले भी खुश नहीं है। क्योंकि चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में शादी विवाह जहां भी हो रहा है वहां लोग बस किसी तरह शादी करने पर जो दे रहे हैं। ज्यादा तड़क भड़क और सजावट उन्हें पसंद नहीं आ रही है।
सारनाथ के मैरेज लान संचालक नागेंद्र दुबे ने बताया कि शादी तो कोविड प्रोटोकाल के तहत हो रही है। गेट पर ही मास्क की जांच और सैनिटाइजेशन के बाद ही अतिथियों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। हाल के अंदर टेबल-कुर्सियां दूर-दूर लगाई गई हैं। सामानों को बार-बार सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। अधिकतर शादी दिन में ही हो रही है।
वाराणसी मैरेज लॉन व्यापार मंडल के अध्यक्ष मृत्युंजन सोनकर ने बताया कि रात्रि कर्फ्यू के चलते शाम सात बजे तक शादी विवाह से जुड़े कार्यक्रम को संपन्न करा लिया जा रहा है। वर व वधु पक्ष को कोविड नियमों से ही शादी विवाह करने की छूट दी गई है।