Chaitra Navratri 2022: अश्व पर होगा माता का आगमन, महिष पर होगा गमन, दो अप्रैल से शिव नगरी में होगी शक्ति की आराधना
शिव की नगरी काशी में नौ दिन तक शक्ति की आराधना में लीन रहेगी। वासंतिक नवरात्र में भक्त नौ गौरी से सुख, सौभाग्य, ऐश्वर्य और शक्ति की कामना करेंगे। चैत्र नवरात्र में इस बार माता का आगमन अश्व पर और गमन महिष पर होगा। वाराणसी के सभी देवी मंदिरों में नवरात्र के पूजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
भक्तगण भी माता के आगमन के लिए घरों में इंतजाम कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि वासंतिक नवरात्र दो अप्रैल से 10 अप्रैल तक रहेगा। चैत्र शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि एक अप्रैल को दिन में 11:54 बजे लगेगी जो दो अप्रैल को दिन में 11:59 मिनट तक रहेगी।
काशी में पूजी जातीं हैं नौ गौरी
नौ दिन तक व्रत रहकर अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालु 11 अप्रैल को सुबह पारण करेंगे। जबकि नवरात्र चढ़ते और उतरते हुए व्रत करने वाले श्रद्धालु दो अप्रैल को प्रथमा तिथि को और नौ अप्रैल को अष्टमी तिथि का व्रत रखेंगे। जब मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आती हैं तो युद्ध के हालात बनते हैं। वहीं जब मां दुर्गा का प्रस्थान महिष पर होता है तो देश में रोग और कष्ट बढ़ता है।
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काशी में पूजी जातीं हैं नौ गौरी