काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: जानें नवसंवत्सर में विश्वनाथ धाम में अब आपको क्या नया मिलेगा
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की भीतरी दीवारों के बाद अब बाहरी दीवारों को भी स्वर्ण मंडित किया जा रहा है। जमीन से आठ फीट की ऊंचाई से शिखर तक सोना लगाया जा रहा है।
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बाबा विश्वनाथ धाम नवसंवत्सर पर नए कलेवर में शिवभक्तों के सामने होगा। शिखर से लेकर चौखट तक बिखरती स्वर्णिम आभा के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी। धाम में निर्मित 24 भवनों के संचालन की कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। मंदिर के 50 हजार स्क्वायर मीटर का परिक्षेत्र से 28 हजार स्क्वायर मीटर में भवनों का निर्माण किया गया है।
इन 24 इमारतों में यात्री सुविधा केंद्र, स्प्रिचुअल बुक सेंटर, मुमुक्षु भवन, वैदिक सेंटर, जलपान केंद्र, मल्टी परपज हॉल, सिटी म्यूजियम वाराणसी गैलरी, योगशाला निर्मित हो चुकी है। इसके साथ ही टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, वीविंग गैलरी और अन्य कार्य भी लगभग पूरे हो चुके हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से भवनों के संचालन के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की जा चुकी हैं।
श्री काशी विश्वनाथ धाम का संचालन व देखरेख पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर होगा। इसकी जिम्मेदारी ब्रिटिश कंपनी ईस्ट एंड यंग को दी गई है। धाम के 24 भवनों में से करीब 15 भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए रैंप का इंतजाम
मुमुक्षु भवन में रह सकेंगे 36 बुजुर्ग
श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा छोर पर दो मंजिला मुमुक्षु भवन को 1161 वर्गमीटर भूमि पर आकार दिया गया है। इसमें मोक्ष की कामना से 36 बुजुर्गों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके लिए मेडिकल बेड लगाए गए हैं और परिसर में ही चिकित्सक की भी व्यवस्था रहेगी। मोक्ष कामना से प्रवास करने वाले श्रद्धालु नित्य गंगा स्नान के साथ ही बाबा का दर्शन भी पाएंगे। उनके लिए यज्ञ-हवन और रामचरित मानस व शिव महापुराण के श्रवण का इंतजाम भी रहेगा। अप्रैल से इसका संचालन आरंभ हो जाएगा।
सोने का हो जाएगा पूरा मंदिर
स्वर्णमंडित गर्भगृह में विराजमान काशीपुराधिपति का दरबार नव संवत्सर में पूरी तरह से स्वर्ण मंदिर में तब्दील हो जाएगा। गर्भगृह की भीतरी दीवारों के बाद अब बाहरी दीवारों को भी 23 किलो सोने से स्वर्ण मंडित किया जा रहा है। जमीन से आठ फीट की ऊंचाई से शिखर तक सोना लगाया जा रहा है। गर्भगृह को 37 किलोग्राम सोने से स्वर्णमंडित किया गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया काशी विश्वनाथ धाम के दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। यात्रियों को जल्द ही धाम में नई सुविधाएं मिलने लगेंगी। भवनों के संचालन के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।