{"_id":"5b9cd2e0867a55013f17cc1a","slug":"shakti-singh-became-vice-president-in-delhi-university-student-union-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"शक्ति सिंह ने डूसू चुनाव में बढ़ाया पूर्वांचल का मान, तोड़ा अरूण जेटली का रिकार्ड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शक्ति सिंह ने डूसू चुनाव में बढ़ाया पूर्वांचल का मान, तोड़ा अरूण जेटली का रिकार्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 15 Sep 2018 03:07 PM IST
विज्ञापन
उपाध्यक्ष पद पर जीते शक्ति सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में 26 साल के लंबे अंतराल के बाद पूर्वांचल का डंका बजा। मूल रूप से मऊ के रहने वाले शक्ति सिंह ने एबीवीपी के पैनल से उपाध्यक्ष पद पर 7636 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
शक्ति सिंह का परिवार शहर के निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले में रहता है। उनके पिता विद्यासागर सिंह पेशे से ठेकेदार हैं। डूसू के चुनाव में बतौर एबीवीपी उम्मीदवार शक्ति सिंह को 23046 वोट मिले। उन्होंने अपने एनएसयूआई के प्रत्याशी को रिकार्ड 7636 मतों के अंतर से पराजित किया।
शक्ति के दोस्त मनी ने बताया कि केंद्र सरकार में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक मतों से जीत का रिकार्ड बनाया था, जिसे इस बार पूर्वांचल के शक्ति सिंह ने तोड़ा। शक्ति सिंह के इस ऐतिहासिक जीत से मऊ के साथ आसपास के जिलों के युवा उत्साहित हैं।
विज्ञापन
मनी ने बताया कि शक्ति से पूर्व दिल्ली विश्वविद्यालय से संयुक्त मंत्री के पद पर बिहार के मधुबनी जिले के अनिल सिंह ने वर्ष 1992 में जीत दर्ज कराई थी। उनके बाद अब शक्ति ने दिल्ली विश्वविद्यालय में जीत दर्ज कराकर पूर्वांचल का डंका बजाया।
शक्ति की जीत पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार पूर्वांचल का डंका बजा है। शक्ति की जीत से पूर्वांचल के युवाओं को मार्ग दर्शन मिलेगा। पिता विद्यासागर सिंह और मां ने बताया कि उनके पुत्र का रुझान शुरू से ही राजनीति में है।
विज्ञापन
शक्ति सिंह का परिवार शहर के निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले में रहता है। उनके पिता विद्यासागर सिंह पेशे से ठेकेदार हैं। डूसू के चुनाव में बतौर एबीवीपी उम्मीदवार शक्ति सिंह को 23046 वोट मिले। उन्होंने अपने एनएसयूआई के प्रत्याशी को रिकार्ड 7636 मतों के अंतर से पराजित किया।
विज्ञापन
शक्ति के दोस्त मनी ने बताया कि केंद्र सरकार में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक मतों से जीत का रिकार्ड बनाया था, जिसे इस बार पूर्वांचल के शक्ति सिंह ने तोड़ा। शक्ति सिंह के इस ऐतिहासिक जीत से मऊ के साथ आसपास के जिलों के युवा उत्साहित हैं।
विज्ञापन
मनी ने बताया कि शक्ति से पूर्व दिल्ली विश्वविद्यालय से संयुक्त मंत्री के पद पर बिहार के मधुबनी जिले के अनिल सिंह ने वर्ष 1992 में जीत दर्ज कराई थी। उनके बाद अब शक्ति ने दिल्ली विश्वविद्यालय में जीत दर्ज कराकर पूर्वांचल का डंका बजाया।
शक्ति की जीत पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार पूर्वांचल का डंका बजा है। शक्ति की जीत से पूर्वांचल के युवाओं को मार्ग दर्शन मिलेगा। पिता विद्यासागर सिंह और मां ने बताया कि उनके पुत्र का रुझान शुरू से ही राजनीति में है।