फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   SGST officer retracted statement businessman upset in varanasi with the notice

Varanasi News: अपने बयान से मुकरे SGST अधिकारी, नोटिसों से उद्यमी परेशान; प्रदेश भर में अभियान की दी चेतावनी

Sat, 16 Mar 2024 06:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 16 Mar 2024 06:00 PM IST
सार

Varanasi News: इस विकट परिस्थिति में अप्रैल 2020 में सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर राहत देने का कार्य किया गया, जिसमें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2020 के टैक्स को अगर जून 2020 तक जमा करा दिया जाता है तो उस पर कोई भी ब्याज की देयता नहीं रहेगी। इस नोटिफिकेशन के बावजूद ब्याज की डिमांड की नोटिसें जारी हो रहीं हैं, जिससे की राज्य सरकार के निर्देश और संकल्प, असफल हो रहे हैं।

विज्ञापन
SGST officer retracted statement businessman upset in varanasi with the notice
बैठक में विमर्श करते वाराणसी के उद्यमी और व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसजीएसटी की ब्याज संबंधित अंधांधुंध नोटिसों से शहर के उद्यमी और व्यापारी त्रस्त हैं। एसजीएसटी विभाग के अधिकारियों संग पूर्व में हुई बैठक में तय हुआ था कि 1000 से कम की नोटिस किसी भी उद्यमी के यहां नहीं जाएंगी। बावजूद, नोटिस भेजकर उद्यमियों का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
विज्ञापन


यह बातें आईआईए के पदाधिकारियों ने शनिवार को मलदहिया स्थित कार्यालय पर बैठक के दौरान कहीं। उद्यमियों ने चेताया कि यदि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो फिर प्रदेश भर में अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन


आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि वर्ष 2019-20 में समस्त विश्व लॉकडाउन की चपेट में था और टैक्स को जमा कर पाना नामुमकिन था। इस विकट परिस्थिति में अप्रैल 2020 में सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर राहत देने का कार्य किया गया, जिसमें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2020 के टैक्स को अगर जून 2020 तक जमा करा दिया जाता है तो उस पर कोई भी ब्याज की देयता नहीं रहेगी। इस नोटिफिकेशन के बावजूद ब्याज की डिमांड की नोटिसें जारी हो रहीं हैं, जिससे की राज्य सरकार के निर्देश और संकल्प, असफल हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमी राजेश भाटिया ने कहा कि व्यापारियों द्वारा वार्षिक रिर्टन जीएसटीआर 9 भरा जाता है, जिसमे साफ तौर पे, पिछले साल की आईटीसी अगले साल कैरी फॉरवर्ड किया जाना, दर्शाया जाता है, लेकिन उस रिटर्न को बिना देखे ही ज्यादा आईटीसी लिए जाने की नोटिस जारी कर दी जा रही है। इस कारण छोटे और मंझोले उद्यमियों, व्यापारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न लगातार जारी है।

उद्यमी प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि ई-वे बिल बनाने में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, जो कि व्यापारियों के लिए बहुत बड़ी परेशानियां खड़ी कर सकता है। कुछ भ्रष्ट तत्त्व, खरीद का बिल न ले के वैल्यू एडिशन पे टैक्स बचाने के लिए किसी और के रजिस्ट्रेशन नंबर पे माल मंगवा लेते है। फर्जी माल मंगवाने वाले को माल मिल जाता है और जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल होता है उसको नोटिस मिलती हैं।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए आईआईए का सुझाव है कि ई-वे बिल के जारी होते ही उसका एसएमएस क्रेता और विक्रेता दोनों के मोबाइल पर आ जाए, जिससे की दोनों में से कोई भी अपने पोर्टल पर जाकर ई-वे बिल को रिजेक्ट कर सके और समय रहते एक्शन लिया जा सके। अभी की व्यवस्था में मैसेज अगले दिन आता है।


उद्यमी यूआर सिंह ने कहा कि रास्ते में माल की आवाजाही के समय कागजातों में मामूली त्रुटियों को आधार बना के माल की जब्ती कर ली जाती है और उद्यमी, व्यापारी सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा स्वयं को बहुत ही असहाय महसूस करता है। जबकि डिपार्टमेंट के सर्कुलर और न्यायालय के तमाम आदेशों में स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि ऐसी स्थिति में माल को न रोका जाए। बैठक में दीपक बजाज, नीरज पारिख, राजकुमार शर्मा, श्रीनारायण खेमका, पंकज अग्रवाल, मनीष कटारिया, सर्वेश अग्रवाल आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed