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आरटीई के तहत सात हजार बच्चे पहुंचे स्कूल
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में वर्तमान शैक्षिक सत्र में नया रिकॉर्ड बना है। इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों में नहीं हुआ। सत्र 2022-23 में निजी स्कूलों में 7321 गरीब व अलाभित समूह के बच्चों का प्रवेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हो चुका है। अभी तीसरी लॉटरी के लिए 10 जून तक आवेदन किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी निजी स्कूलों को आरटीई के तहत गरीब व सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश देने के निर्देश दिए थे। इन बच्चों को कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा देने के साथ सरकार निजी स्कूलों को 450 रुपये प्रतिमाह प्रति छात्र फीस प्रतिपूर्ति करती है।
निजी स्कूलों में पढ़ रहे 36 हजार बच्चे
सत्र 2016 से 2022 तक 35 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ। शैक्षिक सत्र 2022-23 में प्रथम चरण में 6152 व दूसरे चरण में 1145 बच्चों की लॉटरी निकाली गई है। तीसरे चरण के लिए 10 जून को लॉटरी निकाली जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि हमारा लक्ष्य जिले के हर बच्चे को शिक्षा के जरिए मुख्य धारा में लाने का प्रयास है, इसके लिए तमाम तरह के प्रयास भी किए जाते हैं।
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अब तक कितने बच्चों को हुआ प्रवेश
शैक्षिक सत्र छात्र
2016-17 1868
2017-18 4526
2018-19 5580
2019-20 10330
2020-21 9180
2021-22 6152
प्रदेश में टॉप टेन जिले
लखनऊ 14246
कानपुर नगर 8077
वाराणसी 7321
आगरा 5350
गौतमबुद्ध नगर 5049
गाजियाबाद 4515
मुरादाबाद 4097
अलीगढ़ 4091
मिर्जापुर 3147
मेरठ 3124
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी निजी स्कूलों को आरटीई के तहत गरीब व सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश देने के निर्देश दिए थे। इन बच्चों को कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा देने के साथ सरकार निजी स्कूलों को 450 रुपये प्रतिमाह प्रति छात्र फीस प्रतिपूर्ति करती है।
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निजी स्कूलों में पढ़ रहे 36 हजार बच्चे
सत्र 2016 से 2022 तक 35 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ। शैक्षिक सत्र 2022-23 में प्रथम चरण में 6152 व दूसरे चरण में 1145 बच्चों की लॉटरी निकाली गई है। तीसरे चरण के लिए 10 जून को लॉटरी निकाली जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि हमारा लक्ष्य जिले के हर बच्चे को शिक्षा के जरिए मुख्य धारा में लाने का प्रयास है, इसके लिए तमाम तरह के प्रयास भी किए जाते हैं।
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अब तक कितने बच्चों को हुआ प्रवेश
शैक्षिक सत्र छात्र
2016-17 1868
2017-18 4526
2018-19 5580
2019-20 10330
2020-21 9180
2021-22 6152
प्रदेश में टॉप टेन जिले
लखनऊ 14246
कानपुर नगर 8077
वाराणसी 7321
आगरा 5350
गौतमबुद्ध नगर 5049
गाजियाबाद 4515
मुरादाबाद 4097
अलीगढ़ 4091
मिर्जापुर 3147
मेरठ 3124