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Varanasi News: सात पुलिसकर्मी छह दिन में बर्खास्त, जो रंगेहाथ पकड़े गए उनकी विभागीय जांच

Thu, 21 Sep 2023 12:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 12:11 PM IST
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Seven policemen dismissed in six days, departmental inquiry into those caught red-handed
कमिश्नरेट में आपराधिक घटनाओं और भ्रष्टाचार में लिप्त मिलने वाले पुलिसकर्मियों पर एकसमान विभागीय कार्रवाई नहीं होती है। इसका उदाहरण इस साल पुलिस कर्मियों पर हुई विभागीय कार्रवाई को देखने को मिलता है। डकैती के एक प्रकरण में संलिप्तता उजागर होने पर महज छह दिन बाद एक इंस्पेक्टर सहित सात पुलिसकर्मियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर आमजन के बीच अच्छा संदेश देने का प्रयास किया गया। वहीं, रंगेहाथ घूस लेते पकड़े गए व रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजे गए और अन्य गंभीर किस्म के आरोपों में संलिप्त मिले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की कवायद विभागीय जांच तक ही सीमित है। इसे लेकर जानकारों का कहना है कि कार्रवाई में इस तरह के दोहरेपन से दागी प्रवृत्ति के पुलिसकर्मियों का हौसला बुलंद होता है। इसका संदेश आमजन के बीच गलत जाता है।
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केस-1
चार जून को मुकदमा, 10 जून को बर्खास्त
भेलूपुर थाने में चार जून की देर रात एक नामजद और 10-12 अज्ञात के खिलाफ एक करोड़ 40 लाख रुपये की डकैती के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में पांच जून को तत्कालीन भेलूपुर थानाध्यक्ष रमाकांत दूबे सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। 10 जून को सातों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया।
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केस-2

जेल भेजे गए, उसके बाद सब कुछ सामान्य राजस्थान निवासी युवक से रंगदारी मांगने सहित अन्य आरोपों में 25 जून को सारनाथ व कैंट थाने के हेड कांस्टेबल विनय कुमार, दीपक सिंह और प्रशांत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। तीनों निलंबित किए गए। उसके बाद तीनों को अदालत से जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गए। उसके बाद सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है। इससे पहले 15 जून को देह व्यापार में संलिप्तता के आरोप में सारनाथ थाने के सिपाही त्रिलोकी भारद्वाज को निलंबित किया गया। उसके बाद की विभागीय जांच का पता नहीं लगा।
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केस-3
तीन दरोगा रंगेहाथ घूस लेते हुए गिरफ्तार

बीते मई महीने से अब तक तीन दरोगा घूस लेते हुए गिरफ्तार किए गए। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने 11 मई को जंसा थाने के दरोगा अभिषेक वर्मा को एक लाख रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। नौ सितंबर को मड़ौली चौकी इंचार्ज अजय कुमार यादव को 25 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। 18 सितंबर को राजातलाब चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र शुक्ला को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। तीनों दरोगा जेल भेज कर निलंबित किए गए। अभिषेक वर्मा और अजय कुमार यादव का प्रकरण पुराना होने के बाद भी उनके खिलाफ किसी भी अन्य तरह की ठोस विभागीय कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हो सकी।

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डकैती गंभीर किस्म का अपराध है, इसलिए त्वरित गति से कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य गंभीर आरोपों में निलंबित पुलिस कर्मियों को छह महीने से पहले बहाल नहीं किया जाता है। जो भी पुलिसकर्मी किसी किस्म की आपराधिक घटना या भ्रष्टाचार में संलिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई हर हाल में होनी तय है। - मुथा अशोक जैन, पुलिस आयुक्त।
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