कारोबारी से रुपये हड़पने का मामला: एसएसटी टीम के मजिस्ट्रेट समेत सात आरोपी भेजे गए जेल, कार और स्कूटी बरामद
गांजा, अवैध शराब सहित अन्य मामलों में पुलिस आरोपियों की फोटो जारी करती है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने आरोपियों की फोटो तक नहीं जारी की। कोर्ट में दाखिल कब कराया गया, सर्किल स्तर के अधिकारी यह भी नहीं बता सके।
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वाराणसी में कत्था कारोबारी वीर चौरसिया का साढ़े चार लाख रुपये हड़पने के मामले में गिरफ्तार स्टेटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) के मजिस्ट्रेट, दरोगा, पुलिसकर्मी सहित सात आरोपियों को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया।
जंसा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में उपयोग एक स्विफ्ट कार और एक स्कूटी भी बरामद की। सात फरवरी की शाम चेकिंग के दौरान एसएसटी टीम ने भदोही के रहने वाले कत्था कारोबारी का साढ़े चार लाख रुपये हड़प लिया था।
एसएसटी में शामिल रोहनिया के खुशीपुर निवासी बाल विकास परियोजना अधिकारी बड़ागांव मुकेश सिंह कुशवाहा, राजातालाब थाने पर तैनात बलिया के नगर सोना पाली निवासी दरोगा विद्यार्थी सिंह, भुल्लनपुर निवासी हेड कांस्टेबल जटाशंकर पांडेय, बलिया के फेफना मोहान की मठिया निवासी कांस्टेबल अमित सिंह यादव, रायबरेली डीक थाना अंतर्गत धानापुर निवासी कांस्टेबल संजय कुमार और चालक काजीसराय निवासी गोरख यादव, कोरौता लोहता निवासी वीडियोग्राफर सौरभ सेठ को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
उधर, ग्रामीणों में इस बात की चर्चा है कि जंसा थाने की लापरवाही के चलते पीड़ित की बात नहीं सुनी गई और जंसा थाने की पुलिस उसे घुमाती रही। ट्विटर और सोशल मीडिया की ताकत का नतीजा रहा कि पुलिस अपनी किरकिरी कराने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की।
सर्किल स्तर के अधिकारी बोले, विवेचना होगी प्रभावित
गांजा, अवैध शराब सहित अन्य मामलों में पुलिस जहां आरोपियों की फोटो जारी करती है, लेकिन इस मामले में पुलिस आरोपियों की फोटो तक नहीं जारी की। जंसा थाने की पुलिस आरोपियों तक किसी को पहुंचने नहीं दी। सर्किल स्तर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी जेल भेज गए, यही बहुत है। कोर्ट में दाखिल कब कराया गया, सर्किल स्तर के अधिकारी यह भी नहीं बता सके। बोले, इससे हमारी विवेचना प्रभावित होगी।