वाराणसी में सनसनीखेज घटना: सर्विस रिवाल्वर साफ करते समय गोली चलने से एसआई गंभीर रूप से घायल
वाराणसी के चितईपुर थाने में तैनात एसआई मनीष सिंह को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। बताया जा रहा है कि वो सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गोली चली और उन्हें लग गई।
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वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। क्षेत्र के शक्तिपीठ कॉलोनी में निवास कर रहे चितईपुर थाने में तैनात एसआई मनीष सिंह (38) संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने के कारण अस्पष्ट है। हालांकि कहा जा रहा है कि सर्विस रिवाल्वर साफ करते समय गोली चल गई।
गोली जबड़े को छेदते हुए सिर को पार कर गई। घटना की सूचना एसआई मनीष सिंह की पत्नी सोनी सिंह ने अधिकारियों को दी। आननफानन एसओ सारनाथ मौके पर पहुंचे और घायल मनीष को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल लेकर पहुंचे। हालात गंभीर होने पर बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
जिसके बाद पुलिसकर्मी पूरा रास्ता खाली कराते हुए लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। गोली से सांस की नली क्षतिग्रस्त हो गई है। एसआई की हालत स्थिर है। एडीसीपी काशी और कैंट एसीपी फोर्स के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। चितईपुर एसओ मिर्जा रिजवान बेग ने बताया कि मनीष की ड्यूटी सोमवार दोपहर 12 बजे से चौक पर रंगभरी एकादशी में लगी थी। अचानक से उनके घायल होने की सूचना मिली। बताया कि मनीष चितईपुर थाने पर सितंबर में तैनात हुआ है।
साथियों की तत्परता से बची मनीष की जान
मनीष को गोली लगने की जानकारी मिलते ही साथियों ने तत्परता दिखाई। टीआई के साथ एसओ चितईपुर, सारनाथ और लंका के थानेदार पूरा रास्ता खाली कराते ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। जिसके कारण मनीष की जान बच गई। आश्रित कोटे से 2012 में नौकरी पाने वाले मनीष चितईपुर से पहले कपसेठी और सिगरा में तैनात रहे। मनीष के बड़े भाई राजेन्द्र सुल्तानपुर में सिपाही हैं। छोटा भाई मोनू आशापुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। मनीष का तीन साल का बेटा अयांश है। पत्नी की माने तो मनीष होली की खरीदारी करने के लिए निकलने वाले थे। इस दौरान गोली चल गई।