Varanasi News: छितौना में धारा 163 लागू, शक्ति प्रदर्शन और सभा पर रोक; दोनों पक्षों ने CP-DM के साथ की बैठक
वाराणसी के छिताैना गांव में गाय के खेत में घुसने के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे। खूनखराब तक हो गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद इस विवाद को जातीय बना दिया गया। तब से इस गांव में सियासी माहाैल है।
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Varanasi News: चौबेपुर के छितौना गांव में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई। शक्ति प्रदर्शन या सभा पर रोक लगा दी गई है। 15 जुलाई को होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। पीड़ित परिवारों से जिसे भी मुलाकात करनी है, वह एक या दो की संख्या में जा सकेगा। दोनों पक्षों ने इस पर सहमति जताई है।
सोमवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान पांच बिंदुओं पर बातचीत हुई।
पुलिस अधिकारियों ने तय किया कि घटना की जांच के संबंध में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है, यदि किसी को साक्ष्य उपलब्ध कराना हो तो वह एसआईटी को दे सकता है। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि कोई भी पक्ष एक दूसरे पर भड़काऊ व एक दूसरे समाज के प्रति विद्वेषपूर्ण पोस्ट सोशल मीडिया पर नहीं करेगा। पिछले दिनों आपत्तिजनक व भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर जिन लोगों ने पोस्ट किए हैं, वह जल्द हटा लें।
छितौना प्रकरण
छितौना गांव में लोगों ने सोमवार शाम पोस्टर और बैनर लगवा दिया। अपील की कि कोई भी बाहरी गांव में आकर किसी भी प्रकार की राजनीति न करे। गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्गों और चौराहों पर बैनर-पोस्टर चस्पा करा दिए गए। इसके पूर्व ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट के मामले में दो पर केस
चौबेपुर थाना क्षेत्र के छितौना गांव के प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के मामले में राजेश और शिवशंकर राजभर पर सोमवार को केस दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों पर फेसबुक पर वर्ग विशेष और सामाजिक संगठनों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी, भड़काऊ पोस्ट डालने का आरोप है।
एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना की गंभीरता को देख विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। बावजूद कुछ असामाजिक तत्व इसे जातीय रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो भी माहौल खराब और अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।