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कॉलेज में सीटें सीमित, विज्ञान और वाणिज्य के छात्रों की भीड़
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 02 Jun 2017 03:34 PM IST
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कॉलेजों में भारी भीड़ बढ़ने की संभावना
- फोटो : amar ujala
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सीबीएसई और आईएससी के परिणाम घोषित हो चुके हैं। यूपी बोर्ड के रिजल्ट आने बाकी हैं। सीबीएसई और आईएससी का रिजल्ट इस बार भी बेहतरीन रहा। 90 फीसदी अंकों से परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या अच्छी खासी रही।
इसमें अधिकतम संख्या विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के छात्र-छात्राओं की है। अब ऐसे में इनके आगे सबसे बड़ी समस्या अच्छे कॉलेज में दाखिला पाने की रहेगी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों की 5500 से अधिक सीटें हैं।
इसमें विज्ञान वर्ग से जुड़े बीएससी गणित, बीएससी बायो, बीएससी कृषि, इन तीन पाठ्यक्रमों में महज 1,161 सीटें ही हैं। वहीं काशी विद्यापीठ में बीएससी गणित, बायो व टेक्सटाइल में 295 सीटें हैं। यूपी कॉलेज, अग्रसेन पीजी कॉलेज और सुधाकर पीजी कॉलेज की बीएससी की सीटें मिला दी जाएं तो करीब 1600 सीटें इन कालेजों में हैं।
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इनके सापेक्ष सीबीएसई और आईएससी बोर्ड की परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या ही दस हजार से अधिक है। हालांकि इसमें इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वालों की संख्या करीब तीस फीसदी है।
वहीं इन विश्वविद्यालयों व कालेजों में बीकॉम की करीब 950 सीटें ही हैं। उधर बोर्ड के टॉप मेरिट में रहने वाले विद्यार्थियों ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी, जेएनयू और जामिया मिलिया में दाखिला पाने के विकल्प भी हैं।
इस साल यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा भी 58 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने दी है। विद्यार्थियों की ये अच्छी खासी फौज भी आगे दाखिले के जंग में है।
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इसमें अधिकतम संख्या विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के छात्र-छात्राओं की है। अब ऐसे में इनके आगे सबसे बड़ी समस्या अच्छे कॉलेज में दाखिला पाने की रहेगी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों की 5500 से अधिक सीटें हैं।
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इसमें विज्ञान वर्ग से जुड़े बीएससी गणित, बीएससी बायो, बीएससी कृषि, इन तीन पाठ्यक्रमों में महज 1,161 सीटें ही हैं। वहीं काशी विद्यापीठ में बीएससी गणित, बायो व टेक्सटाइल में 295 सीटें हैं। यूपी कॉलेज, अग्रसेन पीजी कॉलेज और सुधाकर पीजी कॉलेज की बीएससी की सीटें मिला दी जाएं तो करीब 1600 सीटें इन कालेजों में हैं।
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इनके सापेक्ष सीबीएसई और आईएससी बोर्ड की परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या ही दस हजार से अधिक है। हालांकि इसमें इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वालों की संख्या करीब तीस फीसदी है।
वहीं इन विश्वविद्यालयों व कालेजों में बीकॉम की करीब 950 सीटें ही हैं। उधर बोर्ड के टॉप मेरिट में रहने वाले विद्यार्थियों ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी, जेएनयू और जामिया मिलिया में दाखिला पाने के विकल्प भी हैं।
इस साल यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा भी 58 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने दी है। विद्यार्थियों की ये अच्छी खासी फौज भी आगे दाखिले के जंग में है।