वाराणसी: सात महीने बाद खुले स्कूल, बिना मास्क के छात्रों का प्रवेश नहीं
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कोरोना काल में वाराणसी में बंद चल रहे स्कूल आज सात महीने फिर से खुल गए। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों की कक्षाएं दो पाली में चलेंगी। स्कूलों में औसतन 50 प्रतिशत अभिभावकों की सहमति ही आई है, ऐसे में छात्रों की ऑनलाइन क्लास भी चलती रहेंगी।
कोरोना काल के बाद खुले स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। छात्रों को दो गज की दूरी के साथ ही एक ही बेंच पर एक छात्र को बैठाया जा रहा है। स्कूल में प्रवेश करने से पहले छात्रों को सैनिटाइजेशन की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही हर छात्र को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है।
स्कूल प्रबंधक भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करा रहा है। कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो गई है। अध्यापक करीब सात महीने बाद अपने छात्रों से रूबरू हो रहे हैं। लेकिन फिलहाल स्कूलों में आने वाले छात्रों की संख्या कम है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि धीरे-धीरे छात्रों की संख्या बढ़ेगी।
मार्च से लॉकडाउन के बाद से ही बंद चल रहे स्कूलों को 19 अक्तूबर से खोलने का आदेश जारी किया गया। स्कूलों कोरोना से बचाव को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई, जिससे छात्रों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो। उधर, किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर स्वास्थ्य विभाग भी निगरानी कर रहा है।
जिले में सीबीएसई, यूपी बोर्ड, आईसीएसई को मिलाकर 500 से अधिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार अभिभावकों की सहमति के बाद ही छात्र-छात्राएं स्कूल आ रहे हैं।
तीन घंटे की होगी क्लास
स्कूलों के खुलने पर तीन घंटे की क्लास चलेगी। पहली पाली में 9-10 के लिए 8.50 से 11.50 और दूसरी पाली में 11-12 विद्यार्थियों के लिए 12.20 से 3.20 तक का समय रहेगा। पहली पाली के बाद आधे घंटे के गैप में सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
स्कूलों को 19 अक्तूबर से शासन की गाइडलाइन के अनुसार चलाया जाएगा। पहले की तरह ऑनलाइन क्लास भी चलती रहेंगी। ऑफलाइन क्लास के लिए स्कूल आने वाले बच्चों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक करेंगे। इसके लिए जगह-जगह पोस्टर लगाने के साथ ही हैंडवाश की भी व्यवस्था की जाएगी। अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही छात्र-छात्राओं को कक्षाओं के लिए बुलाया जाएगा। -विजय प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक