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हाई कोर्ट के आदेश पर हुई जांच, सबमर्सिबल पंप और लाइट खरीद में 58 लाख का घोटाला उजागर

Sun, 03 May 2020 12:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 03 May 2020 12:02 PM IST
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Scam of 58 lakhs exposed in submersible pump and light purchases
demo pic - फोटो : अमर उजाला

मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत के वाडों में सबमर्सिबल पंप और एलईडी लाइट खरीद में 58 लाख 70 हजार रुपये का घोटला उजागर हुआ है। शासन ने नगर पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। शासन ने उनकी बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।

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नगर पंचायत के 18 वार्डों में वित्तीय वर्ष 2016 -17, से 18-19 तक तीन सालों में कुल 92 सबमर्सिबल पंप लगाए गए। इसके लिए कुल 77 लाख 98 हजार दो सौ इक्कीस रुपये का भुगतान किया गया। नगर पंचायत के शेखवाड़ा वार्ड के सदस्य आजम खान ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल किया। हाई कोर्ट के आदेश पर जांच कराई गई।
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आदेश के अनुपालन में पिछले साल अप्रैल माह में जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि नगर पंचायत में कुल 92 सबमर्सिबल लगाए गए। इसमें तीन का प्रयोग निजी तौर पर किया जा रहा है जबकि एक के लिए मात्र बोरिंग कर छोड़ दी गई। जांच में पाया गया कि नगर पंचायत के कुल 18 वार्डों में से 9 वार्डों में नगर पंचायत में लगे नलकूप से जलापूर्ति की जाती है लेकिन पूरे 18 वार्ड में बिना जांच व प्रस्ताव के बगैर ही 92 सबमर्सिबल पंप लगाए गए।

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इसके लिए कुल 77 लाख 98 हजार का भुगतान किया गया है। जांच अधिकारी ने पाया कि एक सबमर्सिबल पंप पर औसतन 30 से 35 हजार का खर्च आता है लेकिन नगर पंचायत द्वारा इन पर  औसतन 84763 रुपये का भुगतान किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 46  लाख की अनियमितता पाई गई। इसी प्रकार नगर पंचायत में एलईडी लाइट लगाने को लेकर वर्ष 2016- 17 से 18- 19 तक कुल 364 एलईडी लाइट खरीद में भी 12 लाख 68 हजार रुपये का घोटाला हुआ।

जिलाधिकारी की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने नगर पंचायत अध्यक्ष शकील अंसारी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। नगर पंचायत के प्रशासनिक व वित्तीय कार्यो के निष्पादन के लिए उप जिलाधिकारी अथवा इनके ऊपर के स्तर के अधिकारी को नियुक्त करने का निर्देश दिया है।

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