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सुभासपा के संस्थापक कार्यकर्ता ने पार्टी छोड़ बनाया नया दल, ओमप्रकाश राजभर पर लगाए ये आरोप
Thu, 27 Dec 2018 11:58 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ/बलिया
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Published by: shashikant misra
Updated Thu, 27 Dec 2018 11:58 AM IST
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मदन राजभर
- फोटो : amar ujala
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अलग होकर भारतीय संघर्ष समाज पार्टी बनाने वाले मदन राजभर ने बुधवार को कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर मिशन से भटक गए हैं। आजीवन चुनाव न लड़ने की बात करने, हमेशा किसी राजभर के बेटे को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का दावा करने वाले ओमप्रकाश समाज के साथ छल कर रहे हैं।
राजभर समाज के हित से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है। इसलिए भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के संस्थापक सदस्यों ने अलग होकर उनको सबक सिखाने के लिए भारतीय संघर्ष समाज पार्टी का गठन किया है।
पढ़ें : राजभर की पार्टी में पड़ी फूट, नए दल ने गठन के साथ ही किया शक्ति प्रदर्शन
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भारतीय संघर्ष समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन राजभर बुधवार को रतनपुरा में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। सुभासपा के मंडल महासचिव रहे मदन राजभर ने आरोप लगाया कि कभी कोई पद न लेने की बात कहने वाले ओमप्रकाश ने भाजपा जैसी पार्टी से समझौता कर राजभर समाज के लोगों को बेचने का काम किया है।
विधानसभा चुनाव में आठ सीट मिलने पर चार सीट अनुसूचित जाति को, चार सीटों में बलिया के बांसडीह से बेटे को, रसड़ा विस क्षेत्र से पत्नी को और गाजीपुर के जहूराबाद से स्वयं और मऊ के सदर सीट पर अपने रिश्तेदार को टिकट देकर ओमप्रकाश राजभर ने चुनाव लड़ाया।
सरकार बनने के बाद राजभर समाज को अलग से आरक्षण दिलाने की व्यवस्था की बात करने वाले ओमप्रकाश चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने तो सब भूल गए। दो साल से ऊपर हो गए लेकिन आज तक ओमप्रकाश ने राजभर समाज के लिए कोई काम नहीं किया। मदन राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश के छल से आहत होकर ही उन्होंने ‘भारतीय संघर्ष समाज पार्टी’ का गठन कर राजभर समाज के लिए संघर्ष करने की बीड़ा उठाया है।
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राजभर समाज के हित से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है। इसलिए भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के संस्थापक सदस्यों ने अलग होकर उनको सबक सिखाने के लिए भारतीय संघर्ष समाज पार्टी का गठन किया है।
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भारतीय संघर्ष समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन राजभर बुधवार को रतनपुरा में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। सुभासपा के मंडल महासचिव रहे मदन राजभर ने आरोप लगाया कि कभी कोई पद न लेने की बात कहने वाले ओमप्रकाश ने भाजपा जैसी पार्टी से समझौता कर राजभर समाज के लोगों को बेचने का काम किया है।
विधानसभा चुनाव में आठ सीट मिलने पर चार सीट अनुसूचित जाति को, चार सीटों में बलिया के बांसडीह से बेटे को, रसड़ा विस क्षेत्र से पत्नी को और गाजीपुर के जहूराबाद से स्वयं और मऊ के सदर सीट पर अपने रिश्तेदार को टिकट देकर ओमप्रकाश राजभर ने चुनाव लड़ाया।
सरकार बनने के बाद राजभर समाज को अलग से आरक्षण दिलाने की व्यवस्था की बात करने वाले ओमप्रकाश चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने तो सब भूल गए। दो साल से ऊपर हो गए लेकिन आज तक ओमप्रकाश ने राजभर समाज के लिए कोई काम नहीं किया। मदन राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश के छल से आहत होकर ही उन्होंने ‘भारतीय संघर्ष समाज पार्टी’ का गठन कर राजभर समाज के लिए संघर्ष करने की बीड़ा उठाया है।
भाजपा बताए कि शंकर, विष्णु व राम किस जाति के : ओमप्रकाश
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
सुभासपा के अध्यक्ष व प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि भाजपा बताए कि भगवान शंकर, विष्णु व राम किस जाति के हैं। वे मंगलवार देर शाम रसड़ा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा को इंसान को अगड़े व पिछड़े, हिंदू व मुसलमान में बांटने की राजनीति में जब सफलता नहीं मिली तो अब वह भगवान को बांटने पर आमादा हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानजी को दलित बताते हैं तो भाजपा धरती पर अवतार लेने वाले 26 अन्य देवी-देवताओं की भी जाति बता दे।
आरोप लगाया कि भाजपा हनुमानजी की जाति के मसले पर विवाद खड़ा कर जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से हटाने का प्रयत्न कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें खत्म करने में यूपी के सभी बीजेपी नेता फेल हो गये तब वह प्रधानमंत्री मोदी को लाकर हमारे सामने खड़ा किया है। भाजपा से रिश्तों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि बीजेपी चाहेगी तो वह साथ रहेंगे अन्यथा हम 80 सीट पर यूपी में और 16 सीट पर बिहार में चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा को इंसान को अगड़े व पिछड़े, हिंदू व मुसलमान में बांटने की राजनीति में जब सफलता नहीं मिली तो अब वह भगवान को बांटने पर आमादा हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानजी को दलित बताते हैं तो भाजपा धरती पर अवतार लेने वाले 26 अन्य देवी-देवताओं की भी जाति बता दे।
आरोप लगाया कि भाजपा हनुमानजी की जाति के मसले पर विवाद खड़ा कर जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से हटाने का प्रयत्न कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें खत्म करने में यूपी के सभी बीजेपी नेता फेल हो गये तब वह प्रधानमंत्री मोदी को लाकर हमारे सामने खड़ा किया है। भाजपा से रिश्तों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि बीजेपी चाहेगी तो वह साथ रहेंगे अन्यथा हम 80 सीट पर यूपी में और 16 सीट पर बिहार में चुनाव लड़ेंगे।