काशी विश्वनाथ मंदिर: रोक के बाद भी सतुआ बाबा ने किए स्पर्श दर्शन, दर्शनार्थियों ने जताई नाराजगी
जगदगुरु संतोष दास शनिवार की शाम अपने अनुयायियों के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर के कर्मचारियों व सेवादारों ने उन्हें स्पर्श दर्शन पर रोक की जानकारी दी।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन और वीआईपी प्रोटोकॉल पर रोक के बाद भी जगदगुरु संतोष दास (सतुआ बाबा) ने गर्भगृह में प्रवेश किया। अयोध्या के एक पुजारी के साथ स्पर्श दर्शन भी किए। इसी तरह तीन पुलिस अधिकारियों ने भी निर्देशों की अवहेलना करते हुए स्पर्श दर्शन किया। इस पर नेमी और सामान्य दर्शनार्थियों ने नाराजगी जताई है।
जगदगुरु संतोष दास शनिवार की शाम अपने अनुयायियों के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर के कर्मचारियों व सेवादारों ने उन्हें स्पर्श दर्शन पर रोक की जानकारी दी। इसके बावजूद वह टीम के साथ जबरदस्ती मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए पहुंच गए। इससे कतार में लगे श्रद्धालु व नेमी नाराज दिखे। रविवार की शाम को लगभग पांच बजे तीन पुलिस अधिकारी भी दर्शन के लिए पहुंचे।
उन्होंने वर्दी की हनक दिखाते हुए गर्भगृह में प्रवेश किया और बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन भी किए। इन मामलों की शिकायत मंदिर के सीईओ विश्वभूषण और भाजपा विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी से की गई है।
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क्या बोले सतुआ बाबा
जगदगुरु संतोष दास ने कहा कि मंदिर में भीड़ कम थी इसलिए हम लोगों ने गर्भगृह में प्रवेश किया।
क्या बोले मंदिर के अधिकारी
मंदिर के सीईओ विश्वभूषण ने कहा कि इस तरह के चार मामले सामने आए हैं। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।