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Varanasi: संत रविदास के सपनों के गांव सीरगोवर्धन की बदली सूरत, 5 हजार में फुटपाथ; 12 हजार में किराये पर दुकान
Tue, 20 Feb 2024 08:01 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 20 Feb 2024 08:01 AM IST
सार
रविदास जयंती की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संत रविदास के सपनों के गांव की रंगत बदल चुकी है। उनकी जयंती के लिए यहां बाल्टी से लेकर रहने के लिए किराये पर कमरे बुक हो चुके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संत रविदास के सपनों के गांव की रंगत अब पूरी तरह बदल चुकी है। मेला क्षेत्र में अमृतवाणी का पाठ गूंज रहा है तो शाम ढलते ही मंदिर भी रंगबिरंगी रोशनी से नहा उठता है। मेला भी सजने लगा है। मेला क्षेत्र में दुकान और मकान के लिए किराये पर बुकिंग भी अब पूरी तरह से फुल हो चुकी है। फुटपाथ की दुकान का किराया पांच हजार और घर की दुकान का किराया 12 हजार रुपये वसूला जा रहा है। वहीं बाल्टी 30 रुपये में तो मग 10 और गिलास पांच रुपये में किराए पर मिल रही है।
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सीरगोवर्धन का नजारा इस बार काफी बदला-बदला हुआ है। जन्मस्थली पिछली बार की अपेक्षा इस बार ज्यादा भव्य स्वरूप में सजाई जा रही है। एक तरफ दुकानें लगने लगी हैं तो दूसरी तरफ संत रविदास का मंदिर सज गया है। सीर के स्थानीय निवासियों के लिए भी संत रविदास की जयंती का पर्व किसी उत्सव से कम नहीं होता है। वह मकान, दुकान और उसके बाहर के फुटपाथ को भी किराये पर उठा देते हैं। आयोजन से छह दिन पहले से ही मकान खाली कर दिए गए हैं।
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सोमवार से मेला क्षेत्र में दुकानों को भी सजाने का काम तेज हो गया है। दुकान व मकान के सामने के फुटपाथ के लिए पांच हजार रुपये, आठ गुणे 10 फीट की दुकान का किराया 12 हजार तो आठ गुणे आठ फीट की दुकान का किराया 11 हजार रुपया लिया गया है। मेला क्षेत्र में दुकान लगाने वाले अलईपुरा के वसीम अहमद ने बताया कि उन्होंने सप्ताह भर के लिए दुकान की बुकिंग 11 हजार में की है।
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रजाई, गद्दा और तकिए के भी हैं अलग-अलग रेट
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- फोटो : अमर उजाला
रामनगर के युसूफ ने बताया कि उन्होंने साड़ी की दुकान लगाने के लिए 12 हजार रुपये में किराये पर दुकान ली है। मंदिर से दो किमी क्षेत्र के मकानों में एक-एक कमरे का किराया पांच से छह हजार रुपये, बरामदे की बुकिंग तीन से चार हजार रुपये में की गई है। देश भर से आने वाली संगत ने पहले से ही अपनी बुकिंग करा रखी है। जिन्हें पंडाल में जगह नहीं मिल पाई है वे इन मकानों में ठहरेंगे।
सीरगोवर्धनपुर में किराए पर रहने वाले रैदासियों के लिए यहां रजाई, गद्दा, तकिया भी किराए पर उपलब्ध हैं। रजाई और गद्दे के लिए डेढ़ सौ रुपये रोजाना तो तकिए के लिए 25 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास के टेंट हाउस में यह सारी चीजें मिल रही हैं।
लंगर के लिए तैयार हो चुका है मेगा किचन
संत रविदास की जयंती समारोह पर लंगर के लिए मेगा किचन पूरी तरह से तैयार है। जयंती की तैयारी की कमान पंजाब से आए सेवादारों ने संभाल ली है। सेवादारों संग रैदासियों के जत्थों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। कुछ निजी वाहन से, कुछ ट्रेनों से तो काफी संख्या में रैदासी स्पेशल ट्रेनों से सीर पहुंचेंगे।
सीरगोवर्धनपुर में किराए पर रहने वाले रैदासियों के लिए यहां रजाई, गद्दा, तकिया भी किराए पर उपलब्ध हैं। रजाई और गद्दे के लिए डेढ़ सौ रुपये रोजाना तो तकिए के लिए 25 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास के टेंट हाउस में यह सारी चीजें मिल रही हैं।
लंगर के लिए तैयार हो चुका है मेगा किचन
संत रविदास की जयंती समारोह पर लंगर के लिए मेगा किचन पूरी तरह से तैयार है। जयंती की तैयारी की कमान पंजाब से आए सेवादारों ने संभाल ली है। सेवादारों संग रैदासियों के जत्थों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। कुछ निजी वाहन से, कुछ ट्रेनों से तो काफी संख्या में रैदासी स्पेशल ट्रेनों से सीर पहुंचेंगे।