संस्कृत विवि : मंदिर प्रबंधन के 11 हजार शुल्क से सुस्त हुई आवेदन की रफ्तार, ऑनलाइन प्रशिक्षण में बढ़ी तारीख
पहली बार शुरू मंदिर प्रबंधन पाठ्यक्रम में आवेदन की रफ्तार धीमी होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। छात्र अब मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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Sampurnanand Sanskrit Vishwavidyalaya: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के मंदिर प्रबंधन पाठ्यक्रम में आवेदन बेहद सुस्त है। 45 दिन में महज 15 आवेदन ही ऑनलाइन भरे गए हैं।
ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक शुल्क मंदिर प्रबंधन का होने के कारण ही आवेदकों की संख्या नहीं बढ़ सकी है। आवेदन की अंतिम तारीख बृहस्पतिवार को फिर से 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है। बाकी पाठ्यक्रम की कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है।
छात्रों का कहना है कि आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई निर्धारित की गई थी जिसे अब 30 मई तक बढ़ा दिया गया है। पाठ्यक्रम के लिए शुल्क 11 हजार रुपये है। केंद्र के निदेशक प्रो. रमेश प्रसाद ने बताया कि मंदिर प्रबंधन में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन प्रवेश चल रहा है।
पाठ्यक्रम के माध्यम से मंदिरों के प्रबंधन के प्रति जन जागरूकता, मंदिर के व्यावहारिक पक्षों से जन सामान्य को लाभान्वित करना और मंदिरों के वैज्ञानिक एवं कलात्मक पक्षों का भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप विश्व पटल पर स्थापन करना है। यह पाठ्यक्रम समाजहित एवं रोजगारपरक है।
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और भारतीय संस्कृति का भी ज्ञान प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7991833155 और ई-मेल: ostcssvv@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
विद्यापीठ में दाखिले पर अंतिम फैसले का इंतजार
काशी विद्यापीठ में नये सत्र में मेरिट से दाखिला लेने का फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया है। छात्र इसका विरोध कर रहे हैं और पहले की तरह प्रवेश परीक्षा करवाने की मांग पर अड़े हैं। कुलपति को मांग पत्र भी दिया है। स्नातक में 20 मई तक ऑनलाइन आवेदन किया जाना है।
केवल पांच दिन ही बचे हैं, ऐसे में सभी को फैसले का इंतजार है। काशी विद्यापीठ में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 25 अप्रैल से 20 मई तक जबकि स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के लिए 1 से 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
एक से 31 जुलाई तक स्नातक और 15 जुलाई से 14 अगस्त तक स्नातकोत्तर-डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने की तिथि तय की गई है। छात्रों का कहना है कि मेरिट से दाखिला लेने की बजाय प्रवेश परीक्षा कराया जाना छात्र हित में होगा। सेल के समन्वयक प्रो. बंशीधर पांडेय प्रशासनिक भवन के पास बैठे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने मामले में कुलपति से बातचीत की बात कही है।