'ऐसी लागी लगन... ': अनूप जलोटा के गायन पर दर्शक हुए मगन, हनुमत दरबार में समारोह की अंतिम निशा; जुटे कलाकार
संकट मोचन संगीत समारोह की अंतिम निशा पर दर्शकों का जमावड़ा देर रात तक रूका रहा। अनूप जलाेटा के गायन को सुनने के लिए देर रात के बाद भीड़ बढ़ने लगी थी। अन्य कलाकारों ने भी अपनी खास प्रस्तुति दी।
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Sankat Mochan Sangeet Samaroh: अंतिम निशा की तीसरी प्रस्तुति लेकर आए मुंबई के युवा सितार वादक मेहताब अली नियाजी ने ओम जय जगदीश हरे... पर द्रुत गति में सितार बजाकर श्रोताओं को भगवान विष्णु के धुन में रमा दिया।
मुरादाबाद भिंडी बाजार घराने से ताल्लुक रखने वाले मेहताब अली ने बड़े मनमोहक रंग में भगवान विष्णु की पूरी आरती प्रस्तुत की। इसके साथ गोविंद बोलो हरि, गोपाल बोलो... समेत कई भजनों पर ऐसी प्रस्तुति दी कि हर मन आध्यात्मिक हो उठा। तबले पर खुर्रम अली नियाजी और यशवंत वैष्णव ने संगत की।
बॉलीवुड एक्टर शहबाज खान पहुंचे
बॉलीवुड एक्टर शहबाज खान भी संगीत समारोह में पहुंचे और हनुमान जी के दर्शन किए। वह इंदौर घराने से संबंध रखने के चलते समारोह में पहुंचे। शहबाज खान सन्नी देओल के साथ जिद्दी सहित कई फिल्म कर चुके हैं। चंद्रकांता धारावाहिक में कुंअर विक्रम सिंह का किरदार निभा चुके हैं।
भविष्य में हर तरह की सेवा के लिए हाजिर रहूंगी
संकट मोचन संगीत समारोह में पंडित जसराज की बेटी दुर्गा जसराज पहुंचीं। उन्होंने कहा कि संकट मोचन मंदिर में जहां पर बापू जी रहते थे, वह कमरा जाकर देखी। पुरानी यादें ताजा हो गईं। कहा कि संगीत प्रेमी और महंत जी में ये विश्वास दिखता है कि इतने बड़े कलाकार पं. उल्हास कसालकर के बाद मुंबई के मेहताब अली नियाजी को मंच दिया गया। अब इन युवा कलाकारों को आशीर्वाद देने का समय है।
हमारे पिता को यहीं का आशीर्वाद लगा। उन्होंने कहा कि महंत जी ने मुझे डांटकर कहा कि तुम्हें निर्देश दे रहा हूं कि आना ही होगा। मेरे पिताजी ने बड़ी सेवा की है। भविष्य में हर तरह की सेवा के लिए हाजिर रहूंगी। इस दौरान वह काफी भावुक हो उठी।
सवाल उन्हीं पर उठते हैं जिनकी चर्चा होती है : अनूप जलोटा
गायक पंडित अनूप जलोटा ने कहा कि जिसकी चर्चा होती है सवाल भी उसी पर खड़े होते हैं। सनातन धर्म संस्कृति को लेकर भी आजकल कुछ ऐसा ही चल रहा है। इसलिए आजकल ये वायरल मटेरियल है। अनूप जलोटा ने कहा कि अभद्र गीतों पर सरकार को कड़ाईपूर्वक रोक लगानी चाहिए।
युवाओं को संगीत से जोड़ने की बात पर कहा कि शास्त्रीय संगीत का पूरा ज्ञान नहीं है तो भी आप अच्छे गायक बन सकते हैं। मैं छोटा-बड़ा कोई खयाल या ध्रुपद गायकी नहीं करता। कभी सुना है क्या, लेकिन गजलों के बीच-बीच में कभी इस्तेमाल कर लेता हूं। क्या मेरे गाने नहीं सुने जा रहे।
उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि पूरा संगीत आप सीखें, लेकिन जो सीखें उसमें पक्के हो जाएं। ऐसे ही युवाओं को संगीत से जोड़ा जा सकता है। संगीत समारोह में लगातार 25 साल से आ रहा हूं और अगले 25 साल तक आऊंगा। युवाओं को जोड़ने का काम आगे भी किया जाएगा। संगीत सीखना जरूरी है। रियाज जरूरी है।