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Sangeet Mahotsav:33वें संगीत महोत्सव में तीन दिनों में नौ कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
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शिवरात्रि संगीत महोत्सव के 33वें वर्ष में तीन दिनों के आयोजन में नौ कलाकार नौ प्रस्तुतियां देंगे। तीन दिवसीय के इस आयोजन में पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण भारत के कलाकार शिरकत कर रहे हैं। महोत्सव की शुरुआत सात मार्च को गायन व नृत्य से होगी और समापन नौ मार्च को शास्त्रीय गायन से होगा। इस बार का महोत्सव पद्मविभूषण स्व. पं. किशन महाराज के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित रहेगा।
यह जानकारी सोमवार को कृष्ण कुमार जालान और भगीरथ जालान ने दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम सेठ किशोरी लाल जालान सेवा ट्रस्ट की ओर से होगा। संत रमेश भाई ओझा के सानिध्य में आयोजित संगीत समारोह की पहली प्रस्तुति सात मार्च को संहिता कानोडिया के गायन व भावना कयाल, देवयानी कानोडिया, रिचा जालान व आरिका कयाल के नृत्य से होगा। द्वितीय कार्यक्रम उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान का गायन होगा। महोत्सव की प्रथम निशा का समापन शुजात हुसैन खान के सितार से होगा। आठ मार्च को जॉयदीप घोष का सरोद वादन, पं. देबाशीष डे का शास्त्रीय गायन और गद्दाम पद्मजा रेड्डी का कुचिपुडी नृत्य होगा। नौ मार्च को नम्रता राय का कथक नृत्य, प्रवीण गोडखिंडी का बांसुरी वादन और सुमित्रा गुहा का शास्त्रीय गायन होगा।
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यह जानकारी सोमवार को कृष्ण कुमार जालान और भगीरथ जालान ने दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम सेठ किशोरी लाल जालान सेवा ट्रस्ट की ओर से होगा। संत रमेश भाई ओझा के सानिध्य में आयोजित संगीत समारोह की पहली प्रस्तुति सात मार्च को संहिता कानोडिया के गायन व भावना कयाल, देवयानी कानोडिया, रिचा जालान व आरिका कयाल के नृत्य से होगा। द्वितीय कार्यक्रम उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान का गायन होगा। महोत्सव की प्रथम निशा का समापन शुजात हुसैन खान के सितार से होगा। आठ मार्च को जॉयदीप घोष का सरोद वादन, पं. देबाशीष डे का शास्त्रीय गायन और गद्दाम पद्मजा रेड्डी का कुचिपुडी नृत्य होगा। नौ मार्च को नम्रता राय का कथक नृत्य, प्रवीण गोडखिंडी का बांसुरी वादन और सुमित्रा गुहा का शास्त्रीय गायन होगा।
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