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Varanasi News: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तैयार करेगा कथावाचक, पाठ्यक्रम के लिए समिति का हुआ गठन
Mon, 11 Mar 2024 03:29 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 11 Mar 2024 03:29 PM IST
सार
Varanasi News: इसके लिए पुराण प्रवचन प्रवीण (कथावाचन) सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के समसामयिक महत्त्व को एवं सामाजिक उपयोगिता के दृष्टिगत विश्वविद्यालय ऑनलाइन संचालन करेगा। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम निर्माण के लिए कथावाचन पाठ्यक्रम निर्माण समिति का गठन किया गया है।
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वाराणसी का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कथावाचक तैयार करेगा। विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कथावाचन के नए पाठ्यक्रम को शुरू करने की तैयारी की है। कथावाचन का सर्टिफिकेट कोर्स पुराण प्रवचन प्रवीण वर्तमान सत्र से ही शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाठ्यक्रम निर्माण समिति का गठन भी कर दिया है।
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कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि संस्कृत शास्त्रों के विद्यार्थियों को रोजगार की दिशा में पुराण प्रवचन प्रवीण (कथावाचन) सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय में प्रारंभ होने जा रहा है। इस पहल से नई पीढ़ी को अध्यात्म ज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा की ज्ञान राशि से जोड़ने में मदद मिलेगी। छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
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उसी दिशा में कथावाचक के रूप तैयार करने के लिए एक ऐसा पाठ्यक्रम निर्माण किया जा रहा है जो कि समाज निर्माण की दिशा में अपनी सहभागिता भी दे सके। इसके लिए पुराण प्रवचन प्रवीण (कथावाचन) सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के समसामयिक महत्त्व को एवं सामाजिक उपयोगिता के दृष्टिगत विश्वविद्यालय ऑनलाइन संचालन करेगा।
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उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम निर्माण के लिए कथावाचन पाठ्यक्रम निर्माण समिति का गठन किया गया है। इसमें प्रो. विजय कुमार पांडेय को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. बिन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र, प्रो. हरिशंकर पांडेय, प्रो. रामसलाही द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है। कुलपति ने बताया कि यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए है, वही देश के भविष्य और अनमोल रत्न हैं, उनका निर्माण इस संस्था के द्वारा किया जा रहा है। शास्त्रों के ज्ञान के साथ-साथ उन्हें शास्त्रों के तकनीकी ज्ञान और उन्हें स्वनिर्भर बनाने की दिशा में भी अनवरत प्रयास किया जा रहा है।
संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे हैं पाठ्यक्रम
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में संस्कृत भाषा सीखने, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, कर्मकांड आदि के ऑनलाइन पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसमें देश भर से काफी संख्या में लोग पंजीकरण कराकर ऑनलाइन माध्यम से अध्ययन कर रहे हैं। छात्रों की मांग के आधार पर कथावाचन पाठ्यक्रम संचालन की योजना बनी है।