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Varanasi News: शास्त्री में दो सेमेस्टर का पाठ्यक्रम बनाया, 2024-25 से लागू करने का फैसला; जानें- नई गाइडलाइन
Wed, 08 May 2024 03:46 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 08 May 2024 03:46 PM IST
सार
Varanasi News: इस नियम में शिथिलता बरतने को लेकर पिछले दिनों विद्या परिषद की बैठक में समिति का गठन कर पाठ्यक्रम तैयार कराए जाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब पाठ्यक्रम तैयार हो गया हैं।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री और आचार्य में दाखिला लेने वालों के लिए नई गाइडलाइन बनाई गई है। संस्कृत विषय की अनिवार्यता के नियम को शिथिल करते हुए इसके लिए शास्त्री में दो सेमेस्टर का पाठ्यक्रम बनाया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सत्र 2024-25 से लागू करने का निर्णय लिया है।
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संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिला लेने का जो पहले नियम था, उसमें संबंधित अभ्यर्थी को जिस कक्षा में दाखिला लेना होता है, उसके लिए योग्यता प्रदायी विषय में संस्कृत विषय की पढ़ाई जरूरी थी।
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कुलसचिव राकेश कुमार की ओर से इस आदेश को सभी विभागों, संकायों को भेजा जा चुका है। शास्त्री में दाखिले के लिए संस्कृत भाषा पाठ्यक्रम में पहले सेमेस्टर में संधि प्रकरण, कारक प्रकरण, अनुवाद और द्वितीय सेमेस्टर में समास प्रकरण, अनुवाद शामिल है। विश्वविद्यालय की ओर से इसको वेबसाइट पर भी अपलोड करवाया जा चुका है।
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प्रवेश अर्हता को लेकर नई गाइडलाइन
- उन सभी विषयों में जिनमें संबंधित विषयों में उत्तर मध्यमा उत्तीर्ण करना आवश्यक है, को छोड़कर सभी में बिना संस्कृत बारहवीं उत्तीर्ण छात्र प्रवेश आवेदन कर सकेंगे।
- ज्योतिष विषय में किसी भी विषय के उत्तर मध्यमा से उत्तीर्ण छात्र दाखिला ले सकते हैं।
- प्रवेश अर्हता सूची में परंपरागत विषय में उत्तर मध्यमा उत्तीर्ण छात्रों को वरीयता दी जाएगी।
- उत्तर मध्यमा प्रवेशार्थ बची सीटों पर सामान्यधारा के बारहवीं उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
- बिना संस्कृत के उत्तीर्ण वालों को शास्त्री प्रथम, द्वितीय सेमेस्टर में संस्कृत भाषा पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करना होगा।