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Russia-Ukraine War: पहली बार इंजन बनाने में पीछे हुआ बनारस रेल इंजन कारखाना, 34 दिन में कैसे पूरा होगा लक्ष्य

Sat, 25 Feb 2023 09:45 AM IST
उत्पल कांत वैशाली मिश्रा, वाराणसी
वैशाली मिश्रा, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 25 Feb 2023 09:45 AM IST
सार

चालू वित्तीय वर्ष (2022-23) खत्म होने में 34 दिन ही बचे हैं, लेकिन बरेका निर्धारित लक्ष्य की अपेक्षा 138 रेल इंजन अभी तक नहीं बना पाया है। कम अवधि में इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

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Russia Ukraine War Effects Banaras Rail Engine Factory lags behind in making engines for first time
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस और यूक्रेन युद्ध का असर बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के उत्पादन पर पड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक चिप की आपूर्ति ठप हो गई है। इससे विद्युत और डीजल इंजन का निर्माण प्रभावित है। ऐसा पहली बार हुआ, जब बरेका इंजन उत्पादन के लक्ष्य से काफी दूर है। इसे लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं।

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उनका कहना है कि लक्ष्य हासिल नहीं हुआ तो साख प्रभावित होगी। अगले वित्तीय वर्ष का लक्ष्य हासिल करना कठिन हो जाएगा।   चालू वित्तीय वर्ष (2022-23) खत्म होने में 34 दिन ही बचे हैं, लेकिन बरेका निर्धारित लक्ष्य की अपेक्षा 138 रेल इंजन अभी तक नहीं बना पाया है। कम अवधि में इस लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

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अब तक बरेका का रिकॉर्ड शानदार

बताया जा रहा है कि विद्युत या फिर डीजल इंजन निर्माण का लक्ष्य रेलवे बोर्ड से मिलता है। इसे एक अप्रैल से 31 मार्च के बीच पूरा करना होता है। अब तक बरेका का रिकॉर्ड शानदार रहा है। यह पहला मौका है, जब लक्ष्य हासिल करने की चुनौती सामने खड़ी है।

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युद्ध और लंबा खिंचा तो संकट गहराएगा

दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक चिप का उत्पादन भारत में नहीं होता है। इसे यूरोप के अलग-अलग देशों से मंगाया जाता है। जो कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक चिप की आपूर्ति करती हैं, उनके संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सब कह रहे हैं कि चिप नहीं मिल पा रहा। इसकी मुख्य वजह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को बता रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक वर्ष से ज्यादा समय से युद्ध चल रहा है। युद्ध और लंबा खिंचा तो संकट गहराएगा। इलेक्ट्रॉनिक चिप की आपूर्ति और प्रभावित होगी। 

जल्द ही चिप मंगवाए जाएंगे

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बरेका - फोटो : अमर उजाला
बरेका के उपमहाप्रबंधक  विजय ने कहा कि  इलेक्ट्रॉनिक चिप न मिलने से दिक्कत हुई है। इस वित्तीय वर्ष के लक्ष्य का असर अगले वर्ष के उत्पादन पर न पड़े, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनियों से संपर्क करके जल्द ही चिप मंगवाए जाएंगे।  

एक नजर में 
  • वर्ष                                 इंजन बनाने लक्ष्य        हासिल किया
  • 2019-20                                310                   310 
  • 2020-21                                285                  285 
  • 2021-2022                            367                  367
  • 2022-23                                450                  312 (24 फरवरी 2023 तक) 
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