UP: कोई नमाज पढ़ेगा तो हम हनुमान चालीसा का करेंगे पाठ, UP कॉलेज में छात्रों का हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की
Varanasi News : वक्फ बोर्ड के विवादित दावे के बाद यूपी काॅलेज का माहाैल गरमा गया है। यहां आने वाले नमाजियों के लिए छात्रों का गहरा आक्रोश है। वे कह रहे हैं कि अब यहां कोई भी नमाज नहीं पढ़ेगा। शुक्रवार को यूपी काॅलेज के बाहर छात्रों का हंगामा होते देख पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी।
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यूपी कॉलेज परिसर स्थित मजार पर नमाज पढ़ने के विवाद के बीच शुक्रवार को छात्रों का हुजूम हनुमान ध्वजा के साथ जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए पहुंच गया। मौके पर पहले से तैनात पुलिस ने छात्रों को गेट से कुछ दूरी पर रोक दिया। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया। साथ ही पुलिस की जीप पर चढ़ कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच जमकर कहासुनी, धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने सख्ती करके छात्रों को तितर-बितर किया।
पुलिस ने लाठी पटक कर छात्रों को खदेड़ा
छात्रों का कहना था कि कॉलेज परिसर से मजार हटाई जाए। यदि कोई नमाज पढ़ने आएगा तो हम वहां हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। लगभग एक घंटे की हंगामेदार स्थिति के बाद पुलिस ने लाठी पटक कर छात्रों को खदेड़ा, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद छात्रों ने भोजूबीर में कॉलेज के संस्थापक राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव की प्रतिमा के समक्ष हनुमान चालीसा का पाठ किया।
हनुमान ध्वजा के साथ यूपी कॉलेज पहुंचे छात्र
हनुमान ध्वजा के साथ यूपी कॉलेज पहुंचे छात्रों का कहना था कि वह अपने कॉलेज परिसर में राजर्षि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। हालांकि कहासुनी, हंगामा और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस छात्रों को गेट से ही लौटाने में सफल रही। इस संबंध में एसीपी कैंट विदुष कुमार सक्सेना ने कहा कि माहौल बिगाड़ने का प्रयास कोई न करे। शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर एहतियातन तीन थानों की फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।
यूपी कॉलेज परिसर में मजार है। गत दिनों वर्ष 2018 का पुराना पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें कहा गया था कि वक्फ बोर्ड ने नोटिस दिया और कहा कि यूपी कॉलेज स्थित मजार की जमीन उसकी है। हालांकि नोटिस वर्ष 2021 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद गत 29 नवंबर को यूपी कॉलेज की मजार पर नमाज पढ़ने के लिए भारी संख्या में लोग आए थे। इसे लेकर छात्रों में नाराजगी है। फिलहाल, यूपी कॉलेज में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
उग्र व्यवहार करने वाले वीडियो से किए जा रहे चिह्नित
छह दिसंबर को लेकर शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों की दुकानें बंद रहीं। इस बीच सुबह से देर शाम तक पुलिस की गश्त और निगरानी जारी रही। इसके साथ ही ज्ञानवापी सहित शहर की अन्य मस्जिदों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।