वाराणसीः नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में हंगामा, पार्षदों ने फाड़ी प्रस्ताव की प्रतियां
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वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर मेयर की कुर्सी के पास धरना दिया तो दूसरी तरफ भाजपा पार्षदों ने दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने के लिए जमकर हंगामा किया। वहीं भाजपा के एक पार्षद ने तो गुस्से में अपना माइक सदन की ओर उछाल दिया।
शनिवार को टाउनहाल में हुई बैठक के दौरान विकास कार्यों को छोड़कर बाकी सभी प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। शनिवार को नगर निगम के सदन की बैठक 12 बजे से आरंभ हुई। मेयर मृदुला जायसवाल ने जैसे ही सदन शुरू करने की अनुमति दी पार्षदों ने सबसे पहले काम रोको प्रस्ताव पेश कर दिया।
चीफ इंजीनियर सूरज पाल सिंह द्वारा पिछले दिनों पार्षदों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाने के मामले में पार्षद राजेश यादव चल्लू ने काम रोको प्रस्ताव प्रस्तुत किया तो पक्ष और विपक्ष ने भी उसका समर्थन किया। पार्षदों ने एक स्वर से चीफ इंजीनियर से इस तरह के आरोप पर जवाब मांगा।
घंटे भर चली किचकिच के दौरान दोनों तरफ से मुकदमेबाजी की बात भी कही गई। हंगामा और असंसदीय भाषा को देखते हुए मेयर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि आप लोग आपस में ही मुकदमेबाजी करते रहे। इससे बेहतर है कि सदन ही न चले। मेयर की बात सुनकर पार्षद भड़क गए और उन्होंने प्रस्ताव की प्रतियां फाड़कर सदन में फेंक दीं।
उपसभापति नरसिंह दास ने मामले को शांत कराया। इस मामले में चीफ इंजीनियर ने जवाब दिया कि उन्होंने पार्षदों पर जानलेवा हमले का कोई आरोप नहीं लगाया है। इस पर पार्षदों ने उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र का हवाला दिया। मेयर ने इस मामले में अधिकारियों को जांच का आदेश दिया है।
इसके बाद लकी वर्मा ने लक्सा थाने में आठ महीने पहले दर्ज मुकदमे का मामला उठाया। उन्होंने गुस्से में आकर सदन में माइक फेंक दी। सत्ता और विपक्ष के पार्षदों ने भी दोनों मुकदमों को हटाने की मांग की। इस पर मेयर ने पार्षदों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की बात कही। इस दौरान नरसिंह यादव, राजेश यादव चल्लू, सीताराम केसरी, हाजी ओकास अंसारी, श्याम प्रकाश मौर्य, दिनेश यादव, अजीत सिंह, प्रशांत सिंह पिंकू, शफीकुर्रहमान, अफजाल अंसारी, बबलू शाह ने प्रस्ताव रखे।
विकास कार्य नहीं होने पर पार्षद धरने पर
पार्षदों द्वारा काम रोको प्रस्ताव का मामला शांत होने के बाद विपक्ष के पार्षद विकास कार्यों को लेकर हंगामा करने लगे। कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी का कहना था कि वर्ष 2018-19 में पार्षद कोटे से 25-25 लाख के काम होने थे लेकिन वह अभी तक शुरू नहीं हो सके। इसको लेकर विपक्ष की महिला पार्षद मेयर की कुर्सी के पास धरने पर बैठ गईं।
महिला पार्षदों के समर्थन में विपक्ष के सभी कांग्रेस, सपा और निर्दल पार्षद भी मेयर के बगल में धरना देने लगे। अधिकारियों ने कहा कि टेंडर नहीं हुआ है और ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। इस पर मेयर ने चीफ इंजीनियर से जवाब देने को कहा। चीफ इंजीनियर ने पार्षदों को 15 मार्च तक काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
मांस और मदिरा की दुकानें होंगी शहर से बाहर
वाराणसी। पार्षदों ने कहा कि काशी धार्मिक नगरी है। ऐसे में शहर के अंदर मांस और मदिरा की दुकानें पूरी तरह प्रतिबंधित होनी चाहिए। शहर से बाहर पड़ाव क्षेत्र में मांस और मदिरा की दुकानों को किया जाए। इस पर मेयर ने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन और जिला प्रशासन को पत्र लिखना होगा।
मेयर ने अधिकारियों का निर्देशित किया कि शासन व प्रशासन को इस आशय का प्रस्ताव बनाकर भेजें तथा सदन की मंशा से भी उन्हें अवगत कराएं। इसके बाद वहां से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार आगे काम किया जाएगा।
बिरहा सम्राट के नाम पर होगी सड़क
हुकुलगंज के वार्ड पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने हुकुलगंज रोड से जिलाजेल रोड का नाम पद्मश्री स्व. हीरालाल यादव के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया। इसको सदन ने पारित कर दिया। वहीं हुकुलगंज तिराहा ताड़ी खाना का नाम बदलकर बालाकोट के शहीद स्वं. विशाल पांडेय के नाम पर रखने और एक प्रतीक लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। वहीं जिला जेल के बाउंडरी के पास दुकानों के निर्माण पर भी सदन ने स्वीकृति प्रदान की।