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RSS: समन्वय बैठकों का दौर हुआ तेज, सामाजिक विस्तार, वैचारिक मुद्दों पर फोकस; बूथ स्तर तक बनेगी रणनीति
Wed, 04 Mar 2026 09:54 AM IST
Aman Vishwakarma
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Wed, 04 Mar 2026 09:54 AM IST
सार
Varanasi News: बैठक में तय किया गया कि त्योहारों, सामाजिक कार्यक्रमों और घर-घर संपर्क के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि चुनाव के समय एक सशक्त कैडर नेटवर्क तैयार रहे।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
UP Politics: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। जमीनी स्तर पर कैडर को सक्रिय करने और सामाजिक संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, संघ की ओर से शाखाओं और आनुषांगिक संगठनों के जरिये बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई गई है। हर बूथ पर संपर्क प्रमुख तय करने और मतदाता सूची के सूक्ष्म अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है।
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चुनावी माहौल में राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पहचान और समान नागरिक संहिता जैसे वैचारिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की भी तैयारी है। सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए पिछड़े, दलित और शहरी मध्यमवर्ग के बीच विशेष संपर्क अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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बताया जा रहा है कि चुनाव नजदीक आते ही संघ और भारतीय जनता पार्टी के बीच समन्वय बैठकों का सिलसिला और तेज होगा। संघ की रणनीति सार्वजनिक बयानबाजी से अधिक संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित रहेगी।
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- बूथ से लेकर बस्ती तक सक्रियता : शाखाओं और आनुषांगिक संगठनों के जरिये कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना। मतदाता सूची का सूक्ष्म अध्ययन और छूटे नाम जोड़ने पर जोर।
- वैचारिक मुद्दों की धार : राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पहचान, मंदिर, गो-संरक्षण, समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर संवाद। राष्ट्रहित के फ्रेम में नैरेटिव तैयार करना।
- सामाजिक समीकरण साधना : पिछड़े, दलित, आदिवासी और शहरी मध्यमवर्ग तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए पहुंच। सेवा कार्यों के माध्यम से सामाजिक आधार मजबूत करना।
- समन्वय तंत्र : चुनाव के समय संघ और भारतीय जनता पार्टी के बीच समन्वय बैठकों का दौर। फीडबैक सिस्टम: जमीनी कार्यकर्ताओं से रिपोर्ट लेकर रणनीति में बदलाव।