आज वाराणसी आएंगे संघ प्रमुख: पांच दिवसीय प्रवास के दौरान कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, गंगा आरती भी देखेंगे
पांच दिनों के काशी प्रवास के आखिरी दिन 27 मार्च को संघ प्रमुख का एक बड़ा कार्यक्रम बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में होगा। यहां पर काशी प्रांत के सभी कार्यकर्ताओं को संघ प्रमुख संबोधित करेंगे।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत पांच दिवसीय प्रवास पर आज वाराणसी आएंगे। गोरखपुर से सुबह काशी पहुंचने के बाद सबसे पहले विश्व संवाद केंद्र जाएंगे। यहां से गाजीपुर के जखनिया में हथिया राम मठ वृद्धांबिका शक्ति पीठ में दर्शन कर महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति महराज का आशीर्वाद लेंगे।
सरसंघचालक गुरुवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगे। शुक्रवार को दो सत्रों में काशी प्रांत के प्रचारकों के साथ बैठक करेंगे। शनिवार सुबह पूर्व प्रांत के संगठन श्रेणी (बौद्धिक शिक्षण प्रमुख, प्रांत व्यवस्था प्रमुख) और दोपहर बाद जागरण श्रेणी (प्रांत संपर्क प्रमुख, प्रांत सेवा प्रमुख, प्रांत प्रचार प्रमुख) के साथ बैठक करेंगे। अंतिम दिन रविवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ कुटुंब स्नेह मिलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। देर रात वह लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
संघ शताब्दी वर्ष तक शाखा विस्तार पर संघ प्रमुख करेंगे मंथन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के पांच दिवसीय प्रवास में आरएसएस के शताब्दी वर्ष तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होगी। इस दौरान संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित प्रस्तावों से कार्यकर्ताओं को रूबरू भी कराया जाएगा।
संघ प्रमुख मोहन भागवत के मार्गदर्शन में काशी प्रांत में शाखा विस्तार, कार्यकर्ता गुण विकास के साथ ही संघ की गतिविधियों और आयामों को भी गति दी जाएगी। सरसंघचालक काशी प्रांत के कार्यकर्ताओं और अनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक कर विचार रखेंगे।
इसमें देश के तमाम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे और संघ के विचार से लोगों को रूबरू कराएंगे। देश के सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर संघ की क्या दशा और दिशा होनी चाहिए, इस पर आवश्यक दिशानिर्देश भी देंगे।
'कश्मीर फाइल्स' पर भी चर्चा संभव
11 से 13 मार्च तक कर्णावती में हुई प्रतिनिधिसभा में पारित भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए कार्यों के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर भी संघ प्रमुख कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित प्रस्ताव में भारत बोध के विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास और भारत को स्वावलंबी बनाने के अभियान को चलाने का निर्णय लिया गया है।