'मेरी बेटी का ख्याल रखना': काशी में RSS चीफ ने वनवासी बेटी के पखारे पांव, किया कन्यादान; बोले- खुश रहना
Varanasi News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को काशी पहुंचे। एयरपोर्ट से वे सिगरा स्थित संघ कार्यालय पहुंचे। यहां से कन्यादान महोत्सव में शामिल होकर बेटियों को आशीर्वाद दिया।
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शंकुलधारा पोखरे पर आयोजित अक्षय कन्यादान महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोनभद्र की जोगीडीह निवासी वनवासी कन्या रजवंती के पिता की भूमिका में कन्यादान किया। कन्या पूजन कर उसके पांव पखारे।
रजवंती का विवाह सोनभद्र के रेणुकूट निवासी आदिवासी समाज के अमन के साथ हुआ है। कन्यादान के समय आरएसएस प्रमुख ने सफेद कुर्ता पहन रखा था। पीली धोती पहनी। कंधे पर पीले रंग का गमछा रखकर बरात का स्वागत किया। कन्यादान के बाद आरएसएस प्रमुख ने दूल्हे से कहा कि मेरी बेटी का ख्याल रखना। खुश रखना। उन्होंने शगुन के तौर पर 501 रुपये दिए। दुल्हन ने भागवत का पैर छू कर आशीर्वाद लिया।
वहीं, अलग-अलग 125 वेदियां बनाई गईं, जहां समाज के अलग-अलग लोगों ने पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया। इससे पहले आरएसएस प्रमुख के साथ ही अलग-अलग समाज के प्रमुख लोगों के साथ बरात का स्वागत किया।
परिसर में गूंजा हर-हर महादेव
द्वारकाधीश मंदिर से अपराह्न चार बजे घोड़ा, गाड़ी और बग्घियों से 125 दूल्हों ने एक साथ प्रस्थान किया। परिवार के साथ समाज के लोग भी बैंड बाजा, आतिशबाजी के बीच नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। किरहिया चौराहा, चुंगी, गांधी चौक होते हुए दाह चौक के रास्ते बरात शंकुलधारा पहुंची।
महोत्सव के मुख्य यजमान वीरेंद्र जायसवाल के आवास (पूजावा बाजार) के बाहर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वर यात्रा का स्वागत किया। व्यापारियों ने फूल-माला से बरातियों का जगह-जगह स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।
शाम करीब 5:30 बजे बरात विवाह स्थल पर पहुंची तो, महिलाओं ने परछन किया। शाम 6:15 बजे आचार्यों ने विवाह पूजन शुरू कराया। कार्यक्रम में नव विवाहित युगलों को भेंट स्वरूप साइकिल, सिलाई मशीन, वस्त्र, आभूषण, नकदी और मिष्ठान भेंट किया गया।