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मोहन भागवत की सलाह, जरूरत पड़ने पर महिला आरक्षण का बनाएं माहौल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:56 PM IST
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मोहन भागवत
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी में छह दिवसीय प्रचारक वर्ग शिविर में चौथे दिन महिलाओं को समानता के अधिकार और एक समान शिक्षा पर मंथन हुआ। बुधवार को सर संघ चालक मोहन भागवत ने संदेश दिया कि महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी का अधिकार मिले।
महिला आरक्षण पर मत व्यक्त करते हुए कहा गया कि जरूरत पड़ने पर इस प्रकार का माहौल बनाया जाए। अमीर और गरीब के बच्चों की शिक्षा में भेदभाव खत्म कर सभी को एक तरह की शिक्षा व्यवस्था को आवश्यक बताया गया।
स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बढ़ाने के लिए भारतीय मूल्यों के तहत अनुसरण करने की जरूरत पर बल दिया गया। संघ जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि च गरीयसी की धारणा को अगली पीढ़ी में अधिक सलीके से प्रचारित करने पर बल दे रही है।
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संघ चाहता है कि महिलाओं को वह सारे अधिकार मिलें, जो पुरुष को मिले हुए हैं। एक महिला में कम से कम दो परिवारों को सुधारने की क्षमता होती है। एक अपने घर को और दूसरा ससुराल का परिवार। महिलाओं को इतना सशक्त बनाया जाए कि उन्हें किसी पर निर्भर न होना पड़े।
इससे पहले राज्य-केंद्र सरकार के सामंजस्य पर विमर्श हुआ। इसके लिए संघ के कामकाज में आने वाले परेशानी और राज्य और केंद्र सरकार के कामकाज के साथ कमियों की दूर करने के लिए फीडबैक लिया जा गया था।
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महिला आरक्षण पर मत व्यक्त करते हुए कहा गया कि जरूरत पड़ने पर इस प्रकार का माहौल बनाया जाए। अमीर और गरीब के बच्चों की शिक्षा में भेदभाव खत्म कर सभी को एक तरह की शिक्षा व्यवस्था को आवश्यक बताया गया।
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स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बढ़ाने के लिए भारतीय मूल्यों के तहत अनुसरण करने की जरूरत पर बल दिया गया। संघ जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि च गरीयसी की धारणा को अगली पीढ़ी में अधिक सलीके से प्रचारित करने पर बल दे रही है।
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संघ चाहता है कि महिलाओं को वह सारे अधिकार मिलें, जो पुरुष को मिले हुए हैं। एक महिला में कम से कम दो परिवारों को सुधारने की क्षमता होती है। एक अपने घर को और दूसरा ससुराल का परिवार। महिलाओं को इतना सशक्त बनाया जाए कि उन्हें किसी पर निर्भर न होना पड़े।
इससे पहले राज्य-केंद्र सरकार के सामंजस्य पर विमर्श हुआ। इसके लिए संघ के कामकाज में आने वाले परेशानी और राज्य और केंद्र सरकार के कामकाज के साथ कमियों की दूर करने के लिए फीडबैक लिया जा गया था।