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आरएस यादव के करोड़ों की बेनामी संपत्ति का जल्द होगा खुलासा, ईडी ने मांगा ब्योरा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 07 Jul 2017 03:58 PM IST
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निलंबित और गिरफ्तार चंदौली एआरटीओ आरएस
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध निलंबित एआरटीओ आरएस यादव और उसके सगे-संबंधियों की करोड़ों की बेनामी संपत्ति के जल्द खुलासे की संभावनाएं बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंदौली पुलिस और विजिलेंस से आरएस यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमे और अब तक की कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
साथ ही यादव के सगे-संबंधियों और आरटीओ के अधिकारियों-कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। अवैध वसूली के मामले में गिरफ्तार आरएस यादव की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
पुलिस और विजिलेंस की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी आरएस की बेनामी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। ब्योरा मिलने के बाद आरएस यादव की संपत्तियों की नए सिरे से प्रवर्तन निदेशालय जांच करेगा।
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उधर, आरएस यादव के मामले की विजिलेंस की जांच जारी है और टोल प्लाजा कर्मियों के साथ ही आरटीओ कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
न्यायिक रिमांड बनाया गया
निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में लूट और भ्रष्टाचार के एक और नए मामले में जेल से लाकर पेश कर न्यायिक रिमांड बनवाया गया। कोर्ट में मामले के विवेचक सीओ नौगढ़ राहुल मिश्र ने आवेदन देकर न्यायिक रिमांड बनाने का अनुरोध किया था।
विवेचक के अनुरोध पर इस मामले में 14 दिन का न्यायिक रिमांड बनवाया गया। डीजीसी अनिल सिंह ने बताया कि आरोपी को 15 जुलाई को कोर्ट ने तलब किया है। यह मामला 23 जून को गाजीपुर के ट्रक मालिक पंकज राय और चालक राजेश ने मुगलसराय थाने में दर्ज कराया था।
आरोप है कि बीते 24 मार्च को राजेश ट्रक में ओबरा से गिट्टी लाद कर आ रहा था। टेंगरा मोड़ पर आरएस यादव और दो सिपाहियों ने रोककर 20 हजार रुपये मांगे थे। न देने पर राजेश की जेब में मौजूद दस हजार रुपये तीनों ने छीन लिए थे और धमकाया था।
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साथ ही यादव के सगे-संबंधियों और आरटीओ के अधिकारियों-कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। अवैध वसूली के मामले में गिरफ्तार आरएस यादव की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
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पुलिस और विजिलेंस की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी आरएस की बेनामी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। ब्योरा मिलने के बाद आरएस यादव की संपत्तियों की नए सिरे से प्रवर्तन निदेशालय जांच करेगा।
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उधर, आरएस यादव के मामले की विजिलेंस की जांच जारी है और टोल प्लाजा कर्मियों के साथ ही आरटीओ कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
न्यायिक रिमांड बनाया गया
निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में लूट और भ्रष्टाचार के एक और नए मामले में जेल से लाकर पेश कर न्यायिक रिमांड बनवाया गया। कोर्ट में मामले के विवेचक सीओ नौगढ़ राहुल मिश्र ने आवेदन देकर न्यायिक रिमांड बनाने का अनुरोध किया था।
विवेचक के अनुरोध पर इस मामले में 14 दिन का न्यायिक रिमांड बनवाया गया। डीजीसी अनिल सिंह ने बताया कि आरोपी को 15 जुलाई को कोर्ट ने तलब किया है। यह मामला 23 जून को गाजीपुर के ट्रक मालिक पंकज राय और चालक राजेश ने मुगलसराय थाने में दर्ज कराया था।
आरोप है कि बीते 24 मार्च को राजेश ट्रक में ओबरा से गिट्टी लाद कर आ रहा था। टेंगरा मोड़ पर आरएस यादव और दो सिपाहियों ने रोककर 20 हजार रुपये मांगे थे। न देने पर राजेश की जेब में मौजूद दस हजार रुपये तीनों ने छीन लिए थे और धमकाया था।
डाफी टोल प्लाजा पर ट्रकों का हो ई-चालान
टोल प्लाजा
पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी गुरुवार को डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी और आरटीओ (प्रवर्तन) केडी सिंह से मिले। उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि डाफी टोल प्लाजा से गुजरने वाले ओवरलोड ट्रकों का ई-चालान परिवहन आयुक्त के आदेश के बाद भी नहीं हो रहा है। इस संबंध में दोनों अधिकारियों को साक्ष्य सौंपे गए। मांग की गई कि डाफी में ओवरलोड ट्रकों का हर हाल में ई-चालान हो।