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Varanasi: मुद्रा योजना के नाम पर 300 करोड़ रुपये की बंदरबांट, अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज
Thu, 20 Apr 2023 05:27 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 20 Apr 2023 05:27 PM IST
सार
अदालत के आदेश पर दो माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व उनके सहयोगियों के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर 300 करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई।
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अदालत के आदेश पर दो माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व उनके सहयोगियों के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर 300 करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई।
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शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के अतिबारा गांव निवासी पीसी पाठक ने मुद्रा योजना में बंदरबांट की शिकायत अदालत से की थी। पीसी पाठक के अनुसार, कैशपोर माइक्रो क्रेडिट लिमिटेड कंपनी की ओर से 2015-16 से लेकर 2020-21 तक मुद्रा योजना के तहत 275 करोड़ रुपये के ऋण बांटे गए।
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इसी तरह से उत्कर्ष कोरइवेस्ट लिमिटेड ने वर्ष 2016-17 में मुद्रा योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का ऋण बांटा। दोनों कंपनियों द्वारा दिए गए ऋण के संबंध में सूचना मांगी गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इससे स्पष्ट है कि दोनों माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा मुद्रा योजना के धन की बंदरबांट की गई। पीसी पाठक ने बताया कि इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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इसके बाद अदालत से कार्रवाई की गुहार लगाई गई। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट प्रभुकांत ने बताया कि अदालत के आदेश पर दो मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।