Ropeway in Varanasi: कैंट स्टेशन और विद्यापीठ में एक साथ शुरू होगा रोपवे का काम, मई से शुरू होगी खोदाई
देश और दुनिया से वाराणसी आने वाले पर्यटकों को अब काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाट तक जाना और आसान हो जाएगा। रोपवे संचालन के बाद उन्हें बड़ी सहूलियत होगी।
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वाराणसी में रोपवे संचालन के लिए मॉडल पास होने के बाद अब काम शुरू कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए तकनीकी टीम सर्वे में जुट गई है। कैंट रेलवे स्टेशन और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एक साथ इसका काम कराया जाना है। अगले महीने से खोदाई का काम भी शुरू हो जाएगा।
देश और दुनिया से वाराणसी आने वाले पर्यटकों को अब काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाट तक जाना और आसान हो जाएगा। रोपवे संचालन के बाद उन्हें बड़ी सहूलियत होगी। इसके लिए कैंट से भारतमाता मंदिर, रथयात्रा, गिरजाघर तिराहा होते हुए गौदौलिया तक रोपवे का संचालन कराया जाना है।
पहले चरण में कैंट से भारत माता मंदिर तक काम
इसके लिए जो जमीन की जरूरत है, उसका सर्वे भी शुरू कराया जा चुका है। तकनीकी टीम ने इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया है। अब जो रोपवे का मॉडल बनाया गया है, उसके हिसाब से काम कराने में तेजी आएगी।
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पहले चरण में कैंट से भारत माता मंदिर तक रूट तय किया गया है। इसमें कैंट और काशी विद्यापीठ स्टेशन बनवाए जाएंगे। इसके बाद भारत माता मंदिर से रथयात्रा और लक्सा तक के रूट पर काम होगा। हालांकि अंतिम चरण में लक्सा से गोदौलिया का काम कराया जाना है।
15 मई तक पूरा हो जाएगा जमीन का बैनामा
वाराणसी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की देखरेख में काम चल रहा है। रोपवे निर्माण के लिए पंद्रह मई तक जमीनों का बैनामा होना है। इसके लिए भी जो भी कागजी कार्रवाई करनी है, वह भी अंतिम दौर में हैं। इसी तिथि तक काम पूरा करने की दिशा में प्राधिकरण भी काम शुरू कर दिया है। इसमें सबसे पहले निजी संपत्तियों का बैनामा होगा, इसके बाद सरकारी संपत्तियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।