वाराणसी में रोपवे: साजन तिराहे की बजाय काशी विद्यापीठ पर बनेगा स्टेशन, वीडीए ने फिर जारी की निविदा
बदलते बनारस की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना रोपवे की डिजाइन में आंशिक बदलाव किया गया है। सीएम योगी के सामने रोपवे परियोजना के डीपीआर का प्रस्तुतीकरण किया गया।
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वाराणसी शहर की यातायात व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने में जुटे विकास प्राधिकरण ने कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे परियोजना की निविदा आंशिक बदलाव के साथ नए सिरे से जारी कर दी है। साजन तिराहे पर प्रस्तावित स्टेशन की जगह बदली गई है।
अब नए डीपीआर में काशी विद्यापीठ को स्टेशन बनाया गया है। कैंट से शुरू होने वाली रोपवे का यह दूसरा स्टेशन होगा। इसके अलावा गिरिजाघर पर बन रहे टर्निग स्टेशन से रोपवे 90 डिग्री पर घुमेगी। इस स्टेशन पर यात्रियों को चढ़ने व उतरने की सुविधा नहीं होगी।
सीएम योगी के सामने डीपीआर का प्रस्तुतीकरण
नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी ने कैंट से गिरिजाघर के बीच पहले बनी रोपवे परियोजना को गोदौलिया तक किए जाने प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना की निविदा जारी करने से पहले शनिवार को काशी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया। उनकी सहमति के बाद वीडीए ने निविदा में शामिल होने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की है।
इन पांच जगहों पर बनेंगे स्टेशन
वर्तमान फीजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार परियोजना में पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए है, जिसमें प्रथम स्टेशन कैंट स्टेशन, उसके बाद विद्यापीठ स्टेशन, रथयात्रा स्टेशन, गिरजा घर क्रासिंग और अंतिम स्टेशन गोदौलिया चौक पर प्रस्तावित किया गया है।
परियोजना में एलाइनमेंट की कुल लंबाई 3.750 किलोमीटर निर्धारित की गई है। वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि रोपवे परियोजना की निविदा आंशिक बदलाव के साथ जारी कर दी गई है। नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी ने नए सिरे से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की है। निविदा में शामिल होने की अंतिम तिथि 30 जून तय है।
निवेशकों ने नहीं दिखाई थी रुचि
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तैयार हुई रोपवे परियोजना की निविदा नवंबर 2021 में प्राधिकरण द्वारा आमंत्रित की गयी थी। मगर निवेशकों ने रुचि नहीं दिखाई। कई बार समयवृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2022 निर्धारित की गयी थी।
मगर परियोजना में किसी भी विकासकर्ता द्वारा निविदा नही प्रस्तुत की गयी है। इसके बाद शासन ने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी लि परियोजना में पथ प्रदर्शक की जिम्मेदारी सौंपी। कंपनी की ओर से परियोजना के एलाइनमेंट का विस्तृत अध्ययन कर पुन: फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर शनिवार 14 मई 2022 को निविदा आमंत्रित कर दी गई है।
10 से 55 मीटर की ऊंचाई पर रोपवे
- - कुल परियोजना की लंबाई- 3.829 किमी
- - स्टेशन की संख्या- 5
- - दो टर्मिनल, तीन इंटरमीडिएट स्टेशन, एक टर्निग स्टेशन
- - 10 यात्रियों की क्षमता वाला केबिन, 20 किमी प्रति घंटा रफ्तार
- - 17 मिनट में पूरी होगी दूरी, 16 घंटे मिलेगी यात्रियों को सुविधा
- - 228 केबिन होंगे रोपवे में, शहर में 10 से 55 मीटर की ऊंचाई से गुजरेंगे