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मुंबई से आए तीन लोगों की सूचना देना पड़ा महंगा, दर्ज हुआ मुकदमा
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सेवापुरी (वाराणसी)। रामपुरपट्टी निवासी अनुज सिंह को मुंबई से पैदल रामडीह गांव जा रहे तीन लोगों को रोक कर थानाध्यक्ष जंसा को सूचना देना महंगा पड़ा। इस मामले में जंसा थाने की पुलिस ने अनुज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसे लेकर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
मुंबई से 15 दिन पहले अपने गांव रामडीह गांव के लिए निकले लालचन्द्र पटेल, राजीव उर्फ राजू विश्वकर्मा और ईश्वरचंद्र पटेल निकले थे। गुरुवार को तीनों ट्रक से बाबतपुर पहुंचे और वहां से पैदल ही अपने गांव के लिए चल दिए। तीनों रामपुरपट्टी गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और जानकारी थानाध्यक्ष जंसा को दी। थानाध्यक्ष जंसा ने तीनों को उनके गांव जाने देने को कहा। इसका ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कहा कि हम लोग इन्हें तब तक नहीं जाने देंगे जब तक पुलिस आकर जांच के लिए नहीं ले जाएगी। इसी बात को लेकर ग्रामीणों की थानाध्यक्ष से कहासुनी हुई। बाद में जंसा थाने की पुलिस मुंबई से आए तीनों लोगों को उनके गांव के प्रधान को बुला कर सौंप दी। इसके साथ ही जंसा थानाध्यक्ष और ग्रामीणों की कहासुनी की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया वायरल हुई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से प्रकरण की शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी राजातालाब ने थानाध्यक्ष जंसा से स्पष्टीकरण मांगा है। एसडीएम विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मुंबई से आए तीनों लोगों को दीनदयाल अस्पताल जांच के लिए भेजा गया है। इस मामले में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने सीओ सदर अभिषेक पांडेय को जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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मुंबई से 15 दिन पहले अपने गांव रामडीह गांव के लिए निकले लालचन्द्र पटेल, राजीव उर्फ राजू विश्वकर्मा और ईश्वरचंद्र पटेल निकले थे। गुरुवार को तीनों ट्रक से बाबतपुर पहुंचे और वहां से पैदल ही अपने गांव के लिए चल दिए। तीनों रामपुरपट्टी गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और जानकारी थानाध्यक्ष जंसा को दी। थानाध्यक्ष जंसा ने तीनों को उनके गांव जाने देने को कहा। इसका ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कहा कि हम लोग इन्हें तब तक नहीं जाने देंगे जब तक पुलिस आकर जांच के लिए नहीं ले जाएगी। इसी बात को लेकर ग्रामीणों की थानाध्यक्ष से कहासुनी हुई। बाद में जंसा थाने की पुलिस मुंबई से आए तीनों लोगों को उनके गांव के प्रधान को बुला कर सौंप दी। इसके साथ ही जंसा थानाध्यक्ष और ग्रामीणों की कहासुनी की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया वायरल हुई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से प्रकरण की शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी राजातालाब ने थानाध्यक्ष जंसा से स्पष्टीकरण मांगा है। एसडीएम विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मुंबई से आए तीनों लोगों को दीनदयाल अस्पताल जांच के लिए भेजा गया है। इस मामले में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने सीओ सदर अभिषेक पांडेय को जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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