वाराणसी: तीन राज्यों और चार नेशनल हाईवे को जोड़ेगा रिंग रोड, अगले सप्ताह से फर्राटा भरेंगे छोटे वाहन
लोकार्पण से पहले ही वाराणसी में रिंग रोड को वाहनों के लिए शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें नवरात्र में रिंग रोड की एक लेन को शुरू करने की योजना है।
दूसरी लेन का काम भी लगभग पूरा होने को है।
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नवरात्र के साथ प्रमुख त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान वाराणसी शहर में जाम न लगे और यातायात व्यवस्था बेहतर हो इसके लिए कोईराजपुर (हरहुआ) से राजातालाब तक रिंग रोड के एक लेन से दो पहिया ओर छोटे चार पहिया वाहनों को अगले सप्ताह से चलाने की तैयारी है।
इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी लगभग पूरी कर ली है। ताकि शहर में आने वाली भीड़ को रोका जा सके। वहीं रिंग रोड पर भारी वाहनों का संचालन अक्तूृबर के आखिर से चलाने की योजना है। राजातालाब से हरहुआ होते हुए चिरईगांव के सदंहा से गंगा पार चंदौली के लौंदा झांसी तक करीब 58 किमी लंबा निर्माणाधीन रिंग रोड तीन राज्यों और चार नेशनल हाईवे को जोड़ेगा।
यह रिंग रोड राजातालाब में कोलकाता से दिल्ली तक जाने वाले नेशनल हाई वे, हरहुआ में वाराणसी-लखनऊ नेशनल हाईवे, लमही के आगे पांडेयपुर मार्ग पर वाराणसी-आजमगढ़ नेशनल हाईवे और चिरईगांव में वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाईवे को जोड़ेगा।
वहीं चंदौली के लौंदा झांसी में नेशनल हाईवे में मिलने वाले रिंग रोड से चंदौली के साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से आने वाले वाहन भी इस रिंग रोड के जरिए शहर में बिना प्रवेश किए आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, जौनपुर, गाजीपुर के लिए आवागमन कर सकते हैं।
दूसरी लेन का काम भी लगभग पूरा
रिंग रोड के दूसरे फेज में 17 किमी तक कोईराजपुर (हरहुआ) से राजातालाब तक इसके निर्माण पर 450 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले फेज में संदहा से कोईराजपुर तक वाहनों के आवागमन के बाद कोईराजपुर (हरहुआ) से राजातालाब तक दूसरे फेज में वाराणसी-भदोही रेलखंड पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और वरुणा नदी पर पर बनने वाले पक्के पुल के निर्माण की एक लेन पूरी हो चुकी है।
जबकि दूसरी लेन का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। जो लेन पूरी हो चुकी है, उसी एक लेन से अगले सप्ताह से दो पहिया और छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक आरएस यादव ने कहा कि रिंग रोड फेज दो के फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। अगले सप्ताह से दो और छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। भारी वाहनों के संचालन के लिए दो सप्ताह का समय लग सकता है।
राह होगी आसान, तेल और समय की भी बचत
अभी तक प्रयागराज से आजमगढ़, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया या इन जिलों से प्रयागराज जाने के लिए भारी वाहनों को मोहनसराय से शहर में होकर जाना पड़ता है। इससे न सिर्फ शहर की सड़कें खराब होती हैं बल्कि जाम, दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं।
वहीं नो एंट्री के चलते चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब रिंग रोड बन जाने से इन जिलों को जाने वाले या आने वाले वाहनों को शहर में आने-जाने से निजात मुक्ति मिलेगी और तेल की बचत के साथ कम समय में रिेंग रोड से गंतव्य को रवाना हो जाएंगे।