गंगा की लहरों ने मचाई तबाही, बलिया में टूटा रिंग बांध, पानी से घिरी 35 हजार की आबादी
गंगा की उफनाती लहरों के चलते सोमवार को बलिया का दुबेछपरा रिंग बांध करीब 100 मीटर बह गया। मौके का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत व एसपी देवेंद्र कुमार बंधा टूटने का नजारा देखते ही बाढ़ विभाग के साथ मौके से खिसक लिए।
किसी तरह पुलिस प्रशासन जनता को काबू करने में जुटा रहा ताकि कोई अनहोनी न हो सके। बंधा टूटने के साथ ही करीब 35 हजार की आबादी चंद मिनटों में एनएच 31 पर आ गई। विभागीय व प्रशासनिक उदासीनता को लेकर लोग कोसते रहे।
अधिकारियों ने कोई अनहोनी न हो सके, इसके लिए लाउडस्पीकर से दुबेछपरा, उदईछपरा व गोपालपुर गांव में घोषणा की कि गांव के लोग तत्काल घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर 58.96 मी. दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
बताते चलें कि दुबे छपरा रिंग बांध वर्ष 2016 में गंगा की लहरों में बह गया था। इसके बाद सपा के शासन काल में 29 करोड़ रुपये का दो प्रोजेक्ट पास हुआ, जिसमें से एक आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा 21 करोड़ की लागत से करीब 800 मीटर तक जीओ विधि का प्लेटफार्म बनाकर पिचिंग, लाचिंग व एप्रन का कार्य कराया तो दूसरे ठेकेदार ने नौ करोड़ से एक स्पर व लांचिंग, पिचिंग व एप्रन का कार्य कराया था।
इस बंधे के बनाने में घोर अनियमितता बरती गई। ग्रामीणों ने पुरजोर इसका विरोध किया लेकिन जनप्रतिनिधियों ने काम की गुणवता को मंच से सही ठहराया। सच सामने आते देर न लगी और यह बंधा 2018 की हल्की बाढ़ में टूट गया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हालात यह है कि इस साल बंधे पर फ्लड फाइटिंग के तहत करीब 40 लाख रुपये का कार्य कराया गया, जिसमें जमकर धन का बंदरबांट हुआ और यह बंधा फिर एक बार गंगा के लहरों में समा गया। इसके कारण उदईछपरा, दुबेछपरा, गोपालपुर, प्रसाद छपरा आदि गांवों की करीब 35 हजार की आबादी पानी से घिर गई।
उधर, एक पखवारा पहले भी यह बंधा गंगा का जलस्तर घटने के दौरान कटान से टूटा था। उस समय पर आला अफसरों ने चेताया था कि अगर बंधा टूटा तो बाढ़ विभाग के अधिकारियों की खैर नहीं। हालांकि संयोग अच्छा था जलस्तर कम होने के कारण पानी किसी गांव में नहीं पहुंचा था। अब इस बार बंधा टूटा है और जलस्तर भी बढ़ाव पर है। लिहाजा बड़ी तबाही से इंकार नहीं किया जा सकता।
सामान लेकर दुबेछपरा ढाले पर पहुंचे लोग :
जैसे ही बंधा टूटने की खबर उर्दछपरा और गोपालपुर के लोगों तक पहुंची, लोग अपने सामान को गाड़ियों और ठेलों पर लाद कर दुबेछपरा ढाले पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार यह हालत देर सवेर होनी ही थी। क्योंकि बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने जमकर दुबेछपरा रिंग बंधे के काम में अनियमितता बरती थी।