प्रतिकार यात्रा मामला: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ चल रहे केस में कार्यवाही पर रोक बढ़ी, ये है मामला
राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। जिसे स्वीकार करते हुए याचिका को सुनवाई के लिए 20 सितंबर को पेश करने का निर्देश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती व दो अन्य के खिलाफ वाराणसी एसीजेएम की अदालत में चल रही आपराधिक केस कार्यवाही पर लगी रोक बढ़ा दी है। राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। जिसे स्वीकार करते हुए याचिका को सुनवाई के लिए 20 सितंबर को पेश करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी व दो अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। अक्तूबर 2015 में मैदागिन से दशाश्वमेध घाट तक प्रतिकार यात्रा निकाली गई। गोदौलिया चौराहे पर शाम साढ़े चार बजे भगदड़, तोड़फोड़, आगजनी को लेकर स्वामी जी व अन्य कई लोगों के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट ने सम्मन जारी किया है। जिसकी वैधता को चुनौती देते हुए केस कार्यवाही रद्द किए जाने की मांग की गई है।
इससे पहले सरकार की तरफ से कहा गया कि सरकार आपराधिक केस वापस लेने पर विचार कर रही है। जिलाधिकारी व पुलिस कमिश्नर वाराणसी को कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने केस कार्यवाही पर रोक लगाते हुए जवाब मांगा था और प्रमुख सचिव गृह व प्रमुख सचिव विधि को निर्णय लेने को कहा था। सरकार की तरफ से फिर से जवाब दाखिल करने को अतिरिक्त समय की मांग की गई।