रिटायर्ड रेलवे अधिकारी हत्याकांड : मौके से मोबाइल भी उठा ले गए बदमाश, कातिलों की खोज में ताबड़तोड़ दबिश दे रही वाराणसी पुलिस
वाराणसी के रामनगर में रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी अक्षयवर वर्मा का दोनों हाथ और पैर बांधने के बाद बदमाशों ने गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने वारदात स्थल पर कोई साक्ष्य तक नहीं छोड़ा।
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वाराणसी के रामनगर स्थित भीटी में रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी अक्षयवर वर्मा की हत्या पेशेवर बदमाशों ने की है। बदमाशों ने वारदात स्थल पर कोई साक्ष्य तक नहीं छोड़ा। हत्या के बाद बदमाश अक्षयवर वर्मा का मोबाइल भी उठा ले गए, ताकि पुलिस उन तक पहुंच न सके।
वहीं, क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त नहीं होने और सौ मीटर की दूरी पर चंदौली सीमा शुरू होने के चलते रामनगर पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। पुलिस को ठोस साक्ष्य अब तक नहीं मिल सका है, जिससे कातिलों तक पहुंच सके। वारदात के खुलासे के लिए गठित रामनगर पुलिस की तीन टीमें चंदौली और बिहार तक दबिश दे रही है।
24 घंटे बाद भी नहीं मिल सका कोई ठोस सुराग
शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने रामनगर-डहिया मार्ग से लेकर मुगलसराय तक छानबीन की। वहीं, दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद अक्षयवर वर्मा की अंत्येष्टि की गई। मुखाग्नि पुत्र विक्की ने दी। रामनगर थाने की पुलिस ने दूसरे दिन अक्षयवर वर्मा से जुडे़ करीबियों से पूछताछ की। अब तक उनके संपर्क में रहने वालों से पूछताछ की लेकिन कोई ठोस जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी है।
घटनास्थल से सौ मीटर की दूरी पर चंदौली सीमा शुरू होने के कारण पुलिस को अंदेशा है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद चंदौली की ओर भागे हैं। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि वारदात में शामिल तीन से चार लोग दोपहर में अक्षयवर वर्मा के घर पहुंचे और चार पहिया वाहन डहिया मार्ग पर खड़ा किया था। दोपहर के समय में कुछ लोगों ने काफी देर तक एक चार पहिया वाहन को खड़े रहते हुए देखा था।
रामनगर इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय ने बताया कि तीन टीमें लगातार दबिश दे रही है। आशंका है कि बदमाश चंदौली की ओर भागे हैं। दावा किया कि जल्द ही कातिलों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शुक्रवार की दोपहर बाद तीन मंजिला मकान में बुजुर्ग अक्षयवर वर्मा की गला दबाकर हत्या के बाद बदमाश आभूषण और नकदी लूट ले गए थे।
कॉलोनी में छाया रहा सन्नाटा, लोग भयभीत
अक्षयवर वर्मा के बेटे और बेटियां शनिवार सुबह सीधे नई दिल्ली से सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। मौजूद अन्य रिश्तेदारों को देख बेटे-बेटियां फफक पड़ीं। रिश्तेदारों ने उन्हें ढाढ़स बंधाया। भीटी स्थित मकान वारदात के बाद पूरे दिन तक बंद रहा। वहीं, भीटी स्थित शिव विहार कॉलोनी में सन्नाटा छाया रहा।
पुलिस की टीमें आती और जाती रहीं। कॉलोनी के रहने वाले लोगों में घटना के बाद से मन में भय बना हुआ है। कॉलोनी के लोगों के अनुसार पुलिस की गश्त नहीं होने का नतीजा रहा कि बदमाश बेखौफ होकर लूटपाट किए और अक्षयवर वर्मा की हत्या कर आराम से फरार हो गए।