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बनारस में रिटायर्ड फॉर्मासिस्ट की सिर कूच कर हत्या, बदमाशों ने उन्हीं की कार से ठिकाने लगाया शव
Wed, 02 Jan 2019 11:35 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Wed, 02 Jan 2019 11:35 AM IST
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प्रेमचंद सिंह पटेल
- फोटो : amar ujala
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बनारस में रिटायर्ड फॉर्मासिस्ट प्रेमचंद सिंह पटेल (64) का सिर कूच कर और चेहरे पर वार कर सोमवार की रात हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद प्रेमचंद की कार से उनके शव को सफेद कपड़े में लपेट कर लोहता थाना स्थित पिसौर पुल के नीचे भरथरा घाट पर फेंक दिया गया। इसके साथ ही उनकी कार लेकर बदमाश भाग निकले।
मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो सूचना लोहता पुलिस को दी और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। वारदात की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रकरण को लेकर प्रेमचंद के भतीजे अरुण की तहरीर पर लोहता थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। नए साल के पहले दिन ही हत्या जैसी वारदात ने पुलिस के सामने तगड़ी चुनौती पेश की है।
बड़ागांव थाना के कविरामपुर के मूल निवासी प्रेमचंद परमानंदपुर में मकान बनवा कर पत्नी हीरावती देवी के साथ रहते थे। हीरावती इन दिनों अपने बड़े बेटे इंजीनियर सुशील के पास मुंबई गई हुई हैं और छोटा बेटा सुनील भी अपने परिवार के साथ वहीं गया है।
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परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रेमचंद रोजाना स्कूटी से कविरामपुर आते थे और सोमवार की रात भी खाना खाकर परमानंदपुर स्थित घर के लिए रवाना हुए थे।प्रेमचंद किसी को बगैर जाने पहचाने घर का दरवाजा नहीं खोलते थे, इसी वजह से आशंका जताई गई है कि वारदात को अंजाम देने वालों में कोई करीबी भी शामिल है।
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मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो सूचना लोहता पुलिस को दी और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। वारदात की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रकरण को लेकर प्रेमचंद के भतीजे अरुण की तहरीर पर लोहता थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। नए साल के पहले दिन ही हत्या जैसी वारदात ने पुलिस के सामने तगड़ी चुनौती पेश की है।
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बड़ागांव थाना के कविरामपुर के मूल निवासी प्रेमचंद परमानंदपुर में मकान बनवा कर पत्नी हीरावती देवी के साथ रहते थे। हीरावती इन दिनों अपने बड़े बेटे इंजीनियर सुशील के पास मुंबई गई हुई हैं और छोटा बेटा सुनील भी अपने परिवार के साथ वहीं गया है।
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परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रेमचंद रोजाना स्कूटी से कविरामपुर आते थे और सोमवार की रात भी खाना खाकर परमानंदपुर स्थित घर के लिए रवाना हुए थे।प्रेमचंद किसी को बगैर जाने पहचाने घर का दरवाजा नहीं खोलते थे, इसी वजह से आशंका जताई गई है कि वारदात को अंजाम देने वालों में कोई करीबी भी शामिल है।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड पहुंचा
डॉग स्क्वॉड टीम
- फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार प्रेमचंद के सिर और चेहरे पर धारदार हथियार और वजनी वस्तु से वार किया गया है। उनके दोनों पैर कपड़े से बांधे गए थे। घटनास्थल को देखने से ऐसे प्रतीत हुआ जैसे प्रेमचंद और हत्यारों के बीच काफी देर तक संघर्ष हुआ हो। घर पर चौतरफा गिरे खून के बीच मिले मोबाइल की मदद से वारदात की जानकारी प्रेमचंद के बेटों को पुलिस ने दी।
पुलिस की सूचना पर पत्नी और दोनों बेटे मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए हैं। वारदात की जानकारी पाकर पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड प्रेमचंद के घर पहुंचा। डॉग स्क्वॉड प्रेमचंद के घर के दो सौ मीटर के इर्दगिर्द घूमता रहा और फिर वापस लौट आया।
एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रताप सिंह का कहना है कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बेटों के आने पर उनसे भी बातचीत की जाएगी। खुलासे के लिए लोहता और शिवपुर थाने की संयुक्त टीम गठित की गई है। क्राइम ब्रांच की मदद लेकर सर्विलांस के सहारे भी प्रकरण की तह तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
पुलिस की सूचना पर पत्नी और दोनों बेटे मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए हैं। वारदात की जानकारी पाकर पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड प्रेमचंद के घर पहुंचा। डॉग स्क्वॉड प्रेमचंद के घर के दो सौ मीटर के इर्दगिर्द घूमता रहा और फिर वापस लौट आया।
एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रताप सिंह का कहना है कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बेटों के आने पर उनसे भी बातचीत की जाएगी। खुलासे के लिए लोहता और शिवपुर थाने की संयुक्त टीम गठित की गई है। क्राइम ब्रांच की मदद लेकर सर्विलांस के सहारे भी प्रकरण की तह तक पहुंचने का प्रयास जारी है।