कोरोना से जंग में बीएचयू में जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा कर रहे रेजिडेंट
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करोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर डॉक्टर, रेजिडेंट और पैरामेडिकल स्टाफ संदिग्धों और संक्रमित मरीजों की सेवा में लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आम लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक तो किया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों-रेजिडेंट और पैरामेडिकल स्टाफ के पास स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के हिसाब से जरूरी किट सहित अन्य सुविधाएं नहीं हैं।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में आईसीयू, सामान्य वार्ड, आइसोलेशन और इमरजेंसी में सेवा देने वाले अधिकांश रेजिडेंट ऐसे हैं जिनको बिना मास्क के ड्यूटी करनी पड़ रही है। अस्पताल की ओर से अब तक कोई ठोस इंतजाम न होने की वजह से वे डरे हुए हैं। रेजिडेंट ने मास्क सहित अन्य सुविधाओं के मुहैया कराने की मांग की है।
अस्पताल के रेजिडेंटो ने लिखा था पत्र
आईएमएस बीएचयू के विभिन्न विभागों में काम करने वाले रेजिडेंटो ने चार दिन पहले अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर मास्क और जरूरी सामान दिलाए जाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही न होने से उनमें नाराजगी भी है। बताया कि जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो एक पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय समेत अन्य अधिकारियों को भेज कर अपने लिए बचाव के इंतजाम करने की मांग करेंगे।
डॉयरेक्टर बोले-फॉलो हो रहे सभी प्रोटोकॉल
मरीजों के इलाज में लगे रेजिडेंट को मास्क सहित अन्य सुविधाएं न मिलने के बारे में जब एमएस से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके फोन की रिंग बजती रही, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद आईएमएस डॉयरेक्टर प्रोफेसर आरके जैन ने पूछे जाने पर कहा कि रेजिडेंट भी हमारे बच्चे हैं, उनके लिए भी जरूरी प्रोटोकॉल का फॉलो हो रहा है। कोरोना के संदिग्धों की जांच सहित आइसोलेशन, आईसीयू सहित अन्य जगहों पर काम करने वालो को मास्क सहित सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।